मुंबई. स्विट्जरलैंड के बर्फीले शहर दावोस में आज से दुनिया के सबसे प्रभावशाली दिग्गजों का जमावड़ा शुरू हो गया है। 19 से 23 जनवरी 2026 तक चलने वाली इस बैठक में 130 से अधिक देशों के लगभग 3,000 नेता, सीईओ और नागरिक समाज के प्रतिनिधि वैश्विक चुनौतियों पर मंथन करेंगे।
1. मुख्य विषय और एजेंडा (Theme)
इस वर्ष की थीम “A Spirit of Dialogue” (संवाद की भावना) रखी गई है।
विश्व आर्थिक मंच के अध्यक्ष बोरगे ब्रेंडे (Børge Brende) के अनुसार, वर्तमान भू-राजनीतिक तनावों के बीच संवाद कोई विलासिता नहीं, बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता है। मुख्य रूप से इन 5 चुनौतियों पर चर्चा होगी:
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बंटती दुनिया में सहयोग की बहाली।
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विकास के नए स्रोतों की खोज।
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मानव पूंजी (People) में निवेश।
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कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का जिम्मेदार उपयोग।
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पर्यावरण और जलवायु स्थिरता।
2. ‘टीम इंडिया’ का दबदबा
इस बार दावोस में भारत की उपस्थिति अब तक की सबसे मजबूत मानी जा रही है। भारत खुद को एक “विश्वसनीय भविष्य के साथी” (Partner with Bharat) के रूप में पेश कर रहा है।
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सरकारी प्रतिनिधिमंडल: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, शिवराज सिंह चौहान, प्रह्लाद जोशी और के. राममोहन नायडू भारत का पक्ष रखेंगे।
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राज्यों की भागीदारी: उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और झारखंड जैसे राज्यों के मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल बड़े निवेश (FDI) के लिए दावोस पहुँचे हैं। यूपी का ग्रोथ विजन इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र है।
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कॉरपोरेट दिग्गज: 100 से अधिक भारतीय सीईओ भाग ले रहे हैं, जिनमें मुकेश अंबानी, एन चंद्रशेखरन (टाटा), संजीव बजाज, नंदन नीलेकणि और निखिल कामथ (Zerodha) शामिल हैं।
3. प्रमुख वैश्विक नेता
दावोस 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सबसे बड़े आकर्षण हैं। उनके साथ उनके मंत्रिमंडल के 5 सदस्य भी शामिल हैं। इसके अलावा:
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G7 लीडर्स: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ सहित 6 देशों के शीर्ष नेता।
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वैश्विक संस्थाएं: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा और IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा।
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टेक दिग्गज: AI पर चर्चा के लिए NVIDIA के जेन्सेन हुआंग और माइक्रोसॉफ्ट के सत्य नडेला भी मौजूद हैं।
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