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ईरान में गृहयुद्ध जैसे हालात: 15,000 से ज्यादा की मौत, भारत ने शुरू किया ‘ऑपरेशन स्वदेश’; जानें लेटेस्ट अपडेट

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तेहरान. ईरान इस समय अपने आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े जन-आक्रोश और गृहयुद्ध जैसी स्थिति का सामना कर रहा है। दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए ये प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हैं, जिसके जवाब में ईरानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई ने दुनिया को दहला दिया है।

1. मौतों का खौफनाक आंकड़ा

ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद जो खबरें छनकर बाहर आ रही हैं, वे भयावह हैं।

  • पुष्टि: मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया (जैसे The Sunday Times और CBS News) के अनुसार, मौतों का आंकड़ा 3,900 से लेकर 20,000 तक होने की आशंका है।

  • अस्पतालों की स्थिति: रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 3.30 लाख लोग घायल हैं। अकेले तेहरान के नूर क्लिनिक में आंखों की गंभीर चोटों के 7,000 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से कई ने अपनी रोशनी खो दी है।

  • सरकारी पक्ष: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी पहली बार स्वीकार किया है कि प्रदर्शनों में “कई हजार” लोग मारे गए हैं।

2. भारतीयों का एयरलिफ्ट: ‘ऑपरेशन स्वदेश’

ईरान में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने वहां फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए ‘ऑपरेशन स्वदेश’ शुरू कर दिया है।

  • कितने भारतीय फंसे हैं: एक अनुमान के मुताबिक, ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें करीब 3,000 छात्र (ज्यादातर मेडिकल के) और बाकी कारोबारी व तीर्थयात्री हैं।

  • निकासी प्रक्रिया: * भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने ‘Do Not Travel’ एडवाइजरी जारी की है।

    • तेहरान से पहली एयर इंडिया की विशेष चार्टर्ड फ्लाइट 16-17 जनवरी को दिल्ली के लिए रवाना हुई।

    • सरकार नागरिक विमानों के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर सैन्य परिवहन विमानों (C-17 Globemaster) के इस्तेमाल पर भी विचार कर रही है।

    • प्राथमिकता बच्चों, बुजुर्गों और मेडिकल इमरजेंसी वाले लोगों को दी जा रही है।

3. प्रदर्शनों की मुख्य वजह

ये प्रदर्शन शुरुआत में आर्थिक बदहाली और महंगाई के खिलाफ शुरू हुए थे, लेकिन अब ये सत्ता परिवर्तन और मानवाधिकारों की मांग में बदल चुके हैं। प्रदर्शनकारी “तानाशाही के अंत” के नारे लगा रहे हैं।

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