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IIT कानपुर में बनेगा भारत-फ्रांस का नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCoE): तकनीक और नवाचार का नया अध्याय

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कानपुर. भारत और फ्रांस के बीच तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान Indian Institute of Technology Kanpur (IIT Kanpur) में जल्द ही National Centre of Excellence (NCoE) की स्थापना की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को भारत और फ्रांस की सरकारें मिलकर विकसित करेंगी, जिससे उन्नत तकनीक, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

? अत्याधुनिक तकनीकों पर होगा फोकस

प्रस्तावित NCoE में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और क्लीन एनर्जी जैसे भविष्य की तकनीकों पर शोध किया जाएगा। यह केंद्र भारतीय और फ्रांसीसी वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं एवं स्टार्टअप्स के बीच सहयोग का प्रमुख मंच बनेगा।

? छात्रों और स्टार्टअप्स को मिलेगा सीधा लाभ

इस सेंटर के माध्यम से IIT कानपुर के छात्रों को फ्रांस के शीर्ष संस्थानों के साथ संयुक्त शोध परियोजनाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। साथ ही, स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी मार्गदर्शन, फंडिंग और इनोवेशन सपोर्ट प्राप्त होगा, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ को मजबूती मिलेगी।

? भारत-फ्रांस संबंधों को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल दोनों देशों के बीच शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी। NCoE न केवल कानपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को वैश्विक नवाचार मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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?️ जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

सूत्रों के अनुसार, केंद्र की स्थापना के लिए प्रारंभिक रूपरेखा तैयार कर ली गई है और आने वाले महीनों में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। इसके शुरू होने के बाद कानपुर एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रिसर्च हब के रूप में उभर सकता है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।