रविवार, सितंबर 13 2026 | 04:41:16 PM

BRICS Summit 2026: New Delhi Declaration में वैश्विक मुद्दों पर बनी सहमति, भारत का रुख रहा मजबूत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
6 Min Read
नई दिल्ली । 
भारत की मेजबानी में आयोजित BRICS Summit 2026 सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। बदलती वैश्विक राजनीति, आर्थिक चुनौतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच इस सम्मेलन पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं। सम्मेलन के अंत में सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से New Delhi Declaration 2026 को स्वीकार किया।
इस घोषणा-पत्र में पश्चिम एशिया संकट, यूक्रेन युद्ध, अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, व्यापारिक प्रतिबंध और वैश्विक वित्तीय प्रणालियों जैसे अति-संवेदनशील मुद्दों पर गहन विमर्श के बाद साझा सहमति व्यक्त की गई। आइए विस्तार से जानते हैं कि BRICS 2026 की मुख्य बातें क्या रहीं और भारत ने इसमें किस प्रकार निर्णायक भूमिका निभाई।

Middle East Conflict और Gaza संकट पर संयम की अपील

पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते तनाव को लेकर BRICS देशों ने गंभीर चिंता व्यक्त की। New Delhi Declaration में सभी पक्षों से ‘Maximum Restraint’ (अधिकतम संयम) बरतने की अपील की गई।
  • कूटनीति और संवाद: घोषणा-पत्र में कहा गया कि सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीति और आपसी परामर्श से ही विवादों का समाधान संभव है।
  • नागरिकों की सुरक्षा: गाजा (Gaza) की बिगड़ती मानवीय स्थिति पर चिंता जताते हुए निर्बाध मानवीय सहायता की पहुंच सुनिश्चित करने की मांग की गई।
  • Two-State Solution: फिलिस्तीन मुद्दे पर सदस्य देशों ने दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

Pahalgam Terror Attack की निंदा और Zero Tolerance पर जोर

भारत की कूटनीतिक सफलता के रूप में सम्मेलन में Pahalgam Terror Attack की कड़े शब्दों में निंदा की गई। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ Zero Tolerance और दोहरे मानदंडों (Double Standards) को खत्म करने की मांग करता रहा है।
  • Double Standards का विरोध: BRICS नेताओं ने माना कि आतंकवाद को किसी भी आधार—चाहे वह राजनीतिक, धार्मिक या वैचारिक हो—पर उचित नहीं ठहराया जा सकता।
  • नेटवर्क पर प्रहार: आतंकवाद के वित्तपोषण (Terror Financing), आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों (Safe Havens) और उनके नेटवर्क को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

PM नरेंद्र मोदी के 3 महत्वपूर्ण प्रस्ताव

शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए तीन दूरदर्शी प्रस्ताव रखे:
  1. Troika System: BRICS की अध्यक्षता हर साल बदलती है, जिससे नीतियों की निरंतरता प्रभावित होती है। ट्रोइका व्यवस्था के तहत पिछली, वर्तमान और आगामी अध्यक्षता वाले देशों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।
  2. Secure Digital Repository: सम्मेलन में लिए गए निर्णयों, नोडल एजेंसियों, समय-सीमा और क्रियान्वयन की स्थिति (Implementation Status) की डिजिटल ट्रैकिंग के लिए एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा।
  3. Seafarers Emergency Support Network: संकटग्रस्त समुद्री क्षेत्रों में काम करने वाले नाविकों और समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा, आपातकालीन अलर्ट, मेडिकल सहायता व बचाव कार्यों के समन्वय के लिए इस नेटवर्क का गठन किया जाएगा।

BRICS Currency बनाम Local Currency Trade: भारत का व्यावहारिक दृष्टिकोण

पिछले कुछ समय से एक साझा मुद्रा (Common BRICS Currency) को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। हालांकि, भारत ने इस पर एक व्यावहारिक रुख अपनाया।
  • स्थानीय मुद्राओं में व्यापार: भारत ने तत्काल किसी नई साझा मुद्रा को अपनाने के बजाय Local Currency Trade और राष्ट्रीय मुद्राओं में सीमा-पार भुगतान (Cross-Border Payments) को मजबूत करने पर जोर दिया।
  • Unilateral Sanctions की आलोचना: समूह ने एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों, टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं की आलोचना की, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करते हैं।

Global South की आवाज और संस्थागत सुधार

भारत ने BRICS को किसी पश्चिमी देश या गुट के खिलाफ खड़े संगठन के रूप में पेश करने के बजाय Global South (विकासशील और उभरते देशों) की मजबूत आवाज के रूप में प्रस्तुत किया। संयुक्त राष्ट्र (UN) और वैश्विक वित्तीय संस्थानों (IMF, World Bank) में सुधार की मांग को मजबूती से उठाया गया ताकि विकासशील देशों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1: New Delhi Declaration 2026 क्या है?
Ans: यह BRICS Summit 2026 के अंत में सदस्य देशों द्वारा अपनाया गया साझा घोषणा-पत्र है, जिसमें वैश्विक शांति, आतंकवाद-विरोध, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय सुधारों पर सहमति व्यक्त की गई है।
Q2: क्या BRICS ने कोई नई साझा मुद्रा (Common Currency) लॉन्च की है?
Ans: नहीं, BRICS ने कोई नई साझा मुद्रा लॉन्च नहीं की है। इसके स्थान पर सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं (Local Currencies) में व्यापार और भुगतान को बढ़ावा देने पर सहमति बनी है।
Q3: Troika System क्या है?
Ans: यह पिछली, वर्तमान और अगली BRICS अध्यक्षता वाले देशों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का एक तंत्र है, जिससे BRICS के दीर्घकालिक एजेंडे में निरंतरता बनी रहे।
Disclaimer: यह लेख भारत की मेजबानी में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन 2026 और New Delhi Declaration के आधिकारिक विवरणों पर आधारित विश्लेषणात्मक सारांश है। यह सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।