कानपुर । मंगलवार, 19 मई 2026
उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र कानपुर की चकरपुर और नौबस्ता अनाज मंडियों में इस सप्ताह थोक बाजार में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। नए सीजन की आवक और मांग में आ रहे बदलावों के कारण अनाज, चावल और दलहन की कीमतों में गुणवत्ता के अनुसार महत्वपूर्ण सुधार (corrections) दर्ज किए गए हैं।
व्यापारियों के अनुसार, बाजार में जहां एक तरफ सामान्य खरीदारी का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ गुणवत्ता वाले माल की आवक के आधार पर कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। आइए जानते हैं चकरपुर और नौबस्ता मंडी में आज विभिन्न जिंसों के सटीक थोक भाव क्या रहे।
अनाज बाजार: गेहूं और मोटे अनाजों के दाम
मंडी में सामान्य गेहूं (दड़ा) की आवक मजबूत होने से इसके दामों में स्थिरता देखी जा रही है, जबकि उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं की मांग तेज है।
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गेहूं (दड़ा): ₹2,300 से ₹2,450 प्रति क्विंटल
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फार्म गेहूं (उच्च गुणवत्ता): ₹2,800 से ₹2,850 प्रति क्विंटल
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जौ: ₹2,250 से ₹2,350 प्रति क्विंटल
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ज्वार: ₹2,100 से ₹2,150 प्रति क्विंटल
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बाजरा: ₹1,900 से ₹2,100 प्रति क्विंटल
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मक्का: ₹1,700 से ₹2,200 प्रति क्विंटल
चावल बाजार: बासमती की मांग बरकरार
चावल के बाजार में सामान्य किस्मों से लेकर प्रीमियम बासमती तक की कीमतों में अंतर देखा गया है। जहां सामान्य चावल मध्यम बजट के खरीदारों की पसंद बना हुआ है, वहीं बासमती नंबर-1 की मांग में तेजी है।
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सामान्य अरवा चावल: ₹2,500 से ₹2,800 प्रति क्विंटल
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सेला चावल: ₹3,000 से ₹4,000 प्रति क्विंटल
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बासमती नंबर-1: ₹10,500 से ₹11,000 प्रति क्विंटल
दलहन और दालें: अरहर और उड़द में सुधार
मंडी विश्लेषकों के अनुसार, इस सप्ताह दलहन खंड में कीमतों में कुछ सुधार (corrections) देखे गए हैं। अरहर और उड़द दाल की कीमतों में पिछले दिनों के मुकाबले मजबूती दर्ज की गई है।
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चना (साबुत): ₹5,200 से ₹5,300 प्रति क्विंटल
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अरहर (साबुत): ₹7,000 से ₹7,500 प्रति क्विंटल
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मसूर: ₹5,650 से ₹5,850 प्रति क्विंटल
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मटर: ₹3,800 से ₹3,900 प्रति क्विंटल
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उड़द दाल (धोवा): ₹11,628 प्रति क्विंटल के आसपास
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अरहर दाल (स्पेशल/फूल): ₹12,300 से ₹12,400 प्रति क्विंटल
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
चकरपुर गल्ला मंडी के वरिष्ठ व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि ग्रामीण क्षेत्रों से आवक (Supply) बढ़ती है, तो कीमतों में कुछ और नरमी आ सकती है। हालांकि, शादियों और त्योहारी सीजन की मांग के कारण चावल और दालों की कीमतें मजबूत बने रहने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों और मंडी समितियों की सलाह है कि किसानों और स्थानीय व्यापारियों को अपनी फसल की खरीद-बिक्री करने से ठीक पहले दैनिक मंडी भाव की जानकारी अवश्य ले लेनी चाहिए ताकि उन्हें अपनी उपज का सही मूल्य मिल सके।
Matribhumisamachar


