बिजनौर । मंगलवार, 19 मई 2026
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से हाल ही में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर पुलिस महकमे तक में हड़कंप मचा दिया है। बाखरपुर गांव के एक नाबालिग हिंदू युवक (विशाल) को नौकरी का झांसा देकर कश्मीर ले जाने और वहां उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में अब यूपी पुलिस और जम्मू-कश्मीर की कुपवाड़ा पुलिस, दोनों ने मिलकर एक बड़ा और त्वरित एक्शन लिया है।
आइए जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम की बारीकियां, लेटेस्ट अपडेट्स और इस मामले से जुड़ी कुछ जरूरी सुधार व कानूनी तथ्य।
क्या है पूरा मामला? (The Background)
बिजनौर के थाना शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाखरपुर गांव के रहने वाले कृष्ण (पीड़ित पिता) ने आरोप लगाया है कि उनके नाबालिग बेटे विशाल को गांव का ही एक मुस्लिम युवक, वसीम, बेहतर रोजगार और अच्छी नौकरी का लालच देकर अपने साथ कश्मीर ले गया था।
कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इस वीडियो में विशाल को इस्लाम धर्म स्वीकार करने की बात कहते हुए दिखाया गया, और उसका नाम बदलकर ‘हमजा’ कर दिया गया था। वीडियो सामने आते ही परिजनों के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस और बिजनौर एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। परिजनों का आरोप है कि विशाल पर मानसिक और शारीरिक दबाव बनाकर उसका जबरन धर्मांतरण कराया गया है।
पुलिस का लेटेस्ट एक्शन
इस मामले के सामने आते ही कानून व्यवस्था और प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कार्रवाई की गई है:
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कुपवाड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: इस मामले में सबसे नया अपडेट यह है कि जम्मू-कश्मीर की कुपवाड़ा पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए न केवल इस मामले में FIR दर्ज की है, बल्कि नाबालिग किशोर को अपनी सुरक्षित कस्टडी (हिरासत) में भी ले लिया है।
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यूपी पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया: कुपवाड़ा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कागजी और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद किशोर को सकुशल उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।
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बिजनौर में मुकदमा दर्ज: सीओ सिटी संग्राम सिंह के मुताबिक, बिजनौर पुलिस ने भी इस मामले में सुसंगत धाराओं (उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और वसीम व अन्य संदिग्धों के खिलाफ जांच तेज कर दी गई है।
महत्वपूर्ण तथ्य: सोशल मीडिया पर शुरुआती अफवाहों में इसे केवल एक स्थानीय विवाद के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन यह दो राज्यों (यूपी और जम्मू-कश्मीर) की पुलिस के बीच एक बड़ा इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन (अंतर-राज्यीय समन्वय) का मामला बन चुका है। कानूनी रूप से, नाबालिग का धर्मांतरण भारत के कड़े कानूनों के तहत एक बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूर्व भाजपा सांसद भी पीड़ित परिवार के समर्थन में आगे आए हैं। उन्होंने बिजनौर एसपी से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि कानून व्यवस्था और धार्मिक स्वतंत्रता के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। फिलहाल बाखरपुर गांव और आसपास के इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
Matribhumisamachar


