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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का बड़ा फैसला: ओडिशा, गुवाहाटी और छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में 9 नए जजों की नियुक्ति को दी मंजूरी

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सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया भवन परिसर, नई दिल्ली
नई दिल्ली | बुधवार, 19 अगस्त 2026
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश की उच्च न्यायपालिका में रिक्त पदों को भरने और न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता में 18 अगस्त 2026 को हुई कॉलेजियम की बैठक में ओडिशा, गुवाहाटी और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालयों में 9 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई है।

किस हाई कोर्ट में किसकी होगी नियुक्ति?

कॉलेजियम द्वारा अनुमोदित नाम अधिवक्ताओं (Advocates) और न्यायिक अधिकारियों (Judicial Officers) के अनुभवों का संतुलन दर्शाते हैं:

1. Orissa High Court (ओडिशा उच्च न्यायालय)

ओडिशा हाई कोर्ट के लिए कॉलेजियम ने चार अधिवक्ताओं के नाम की सिफारिश की है:
  • Sasmita Tripathy (सस्मिता त्रिपाठी)
  • Aditya Narayan Das (आदित्य नारायण दास)
  • Rajjeet Roy (राजजीत रॉय)
  • Gautam Misra (गौतम मिश्रा)

2. Gauhati High Court (गुवाहाटी उच्च न्यायालय)

गुवाहाटी हाई कोर्ट के लिए दो नामों को मंजूरी प्रदान की गई है:
  • Nchumbemo Mozhui (एनचुंबेमो मोजुई) – अधिवक्ता
  • Helen Dawngliani (हेलेन डाउंगलियानी) – न्यायिक अधिकारी

3. Chhattisgarh High Court (छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय)

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के लिए तीन न्यायिक अधिकारियों की पदोन्नति की सिफारिश की गई है:
  • Santosh Sharma (संतोष शर्मा)
  • Sushma Sawant (सुषमा सावंत)
  • Sudhir Kumar (सुधीर कुमार)

न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी और लंबित मामलों पर असर

उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के खाली पड़े पदों को भरना भारतीय न्याय प्रणाली की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक रहा है। इन नई नियुक्तियों से उच्च न्यायालयों की कार्यक्षमता में इजाफा होगा, जिससे लंबित मुकदमों के तेजी से निस्तारण में मदद मिलेगी।

संवैधानिक नियुक्ति प्रक्रिया क्या है?

कॉलेजियम द्वारा नामों की सिफारिश के बाद अंतिम नियुक्ति की प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों से गुजरती है:
  1. कॉलेजियम की सिफारिश: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम अनुमोदित नामों को केंद्र सरकार के पास भेजता है।
  2. आईबी और इंटेलिजेंस जांच: केंद्रीय गृह मंत्रालय और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि की पुष्टि करते हैं।
  3. विधि एवं न्याय मंत्रालय: फाइल को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति को भेजा जाता है।
  4. राष्ट्रपति का वारंट: राष्ट्रपति की अंतिम सहमति के बाद आधिकारिक राजपत्र (Gazette Notification) में जजों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी होती है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम क्या है?
Ans: यह भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जजों का एक समूह है, जो हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति और तबादलों की सिफारिश करता है।
Q2. क्या कॉलेजियम की सिफारिश के तुरंत बाद जज नियुक्त हो जाते हैं?
Ans: नहीं, कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार और राष्ट्रपति की औपचारिक मंजूरी व अधिसूचना की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होनी अनिवार्य होती है।

Disclaimer (अस्वीकरण)

यह लेख आधिकारिक समाचारों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध न्यायिक रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है।
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