सोमवार, जनवरी 26 2026 | 01:34:20 AM
Breaking News
Home / राज्य / उत्तरप्रदेश / उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना 2026: अपने पूर्वजों के नाम पर कराएं गांव का विकास, जानें आवेदन प्रक्रिया और लाभ

उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना 2026: अपने पूर्वजों के नाम पर कराएं गांव का विकास, जानें आवेदन प्रक्रिया और लाभ

Follow us on:

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार की ‘मातृभूमि योजना’ उन लोगों के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहते हैं और अपने पैतृक गांव के विकास में योगदान देना चाहते हैं। इस योजना के माध्यम से कोई भी व्यक्ति या संस्था अपने पूर्वजों की स्मृति में गांव के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बना सकती है।

🏗️ योजना का मुख्य स्वरूप: 60-40 का फॉर्मूला

मातृभूमि योजना जन-भागीदारी (Public Participation) के मॉडल पर आधारित है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार और नागरिकों के सहयोग से ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।

  • दानदाता का अंशदान: कुल परियोजना लागत का 60%

  • सरकार का अंशदान: शेष 40% धनराशि राज्य सरकार वहन करेगी।

  • विशेष सम्मान: परियोजना पूरी होने के बाद उस भवन या कार्य का नाम दानदाता की इच्छानुसार उनके पूर्वजों के नाम पर रखा जाएगा। साथ ही, वहां एक शिलापट (Plaque) भी लगाया जाएगा।

🛠️ किन विकास कार्यों के लिए कर सकते हैं दान?

योजना के तहत आप गांव में निम्नलिखित सुविधाओं के निर्माण या सुधार के लिए प्रस्ताव दे सकते हैं:

  1. शिक्षा और स्वास्थ्य: स्कूल भवनों का निर्माण, स्मार्ट क्लास, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या उप-केंद्र।

  2. सुविधाएं: सामुदायिक भवन, बारात घर, आरओ वाटर प्लांट, सार्वजनिक शौचालय।

  3. खेल और कौशल: खेल का मैदान, स्टेडियम, ओपन जिम, लाइब्रेरी, कौशल विकास केंद्र।

  4. आधुनिकीकरण: सीसीटीवी कैमरा, सोलर स्ट्रीट लाइट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), बस स्टैंड।

  5. अन्य: पशु नस्ल सुधार केंद्र, अग्नि सेवा केंद्र, श्मशान घाट का सुंदरीकरण।

📝 आवेदन की चरणबद्ध प्रक्रिया (Step-by-Step)

इच्छुक व्यक्ति अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकते हैं:

  1. पंजीकरण (Registration): सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल mbhumi.upprd.in पर जाकर बतौर ‘दाता’ (Donor) पंजीकरण करें। यहाँ आपको मोबाइल नंबर और ईमेल की आवश्यकता होगी।

  2. परियोजना का चयन: लॉगिन करने के बाद, ‘Register your Project’ विकल्प पर जाएं और उस कार्य का चयन करें जिसे आप अपने गांव में कराना चाहते हैं।

  3. DPR और स्वीकृति: आपके प्रस्ताव के बाद, संबंधित विभाग (जैसे पंचायती राज) प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार करेगा।

  4. धनराशि जमा करना: प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद, आपको अपने हिस्से की 60% राशि योजना के विशेष बैंक खाते में जमा करनी होगी।

  5. कार्य का निष्पादन: राशि जमा होने के 30 दिनों के भीतर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) द्वारा कार्य शुरू करने की अनुमति दी जाती है। आप अपनी पसंद की कार्यदायी संस्था (Agency) से भी काम करवा सकते हैं।

🌟 योजना के लाभ और महत्व

  • भावनात्मक जुड़ाव: शहरों या विदेशों (NRI) में रह रहे लोगों को अपनी जन्मभूमि के विकास से जुड़ने का सीधा मंच मिलता है।

  • पारदर्शिता: यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होती है और दाता स्वयं कार्य की प्रगति की निगरानी कर सकता है।

  • सामाजिक प्रतिष्ठा: पूर्वजों के नाम पर स्थायी संपत्तियों का निर्माण समाज में परिवार के सम्मान को बढ़ाता है।

  • त्वरित विकास: सरकार की आर्थिक मदद से बड़े प्रोजेक्ट्स (जैसे डिग्री कॉलेज या अस्पताल) कम समय में पूरे हो पाते हैं।

📞 संपर्क और सहायता

किसी भी तकनीकी समस्या या अधिक जानकारी के लिए आप इन माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:

  • हेल्पलाइन नंबर: 0522-3539400, 8127947062

  • ईमेल: [email protected]

  • कार्यालय: पंचायती राज निदेशालय, अलीगंज, लखनऊ।

यह भी पढ़ें : 1963 की गणतंत्र दिवस परेड में RSS की भागीदारी: जवाहरलाल नेहरू के निमंत्रण की पूरी कहानी

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

गणतंत्र दिवस पर 'तिरंगा' व्यंजन बनाने के टिप्स

26 जनवरी पर ‘वोकल फॉर लोकल’ का स्वाद: उत्तर प्रदेश के इन प्रसिद्ध पकवानों के साथ मनाएं आजादी का उत्सव

लखनऊ. 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस का दिन न केवल राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है, …