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इंदौर क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन 2026: हिंदी के गौरव का उत्सव, इन संस्थानों को मिला पुरस्कार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भोपाल. 20 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश के इंदौर में ‘संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन’ का सफल आयोजन किया गया। गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में हिंदी के प्रगामी प्रयोग को बढ़ावा देने वाली विभिन्न संस्थाओं और अधिकारियों को सम्मानित किया गया।

?️ सम्मेलन का मुख्य विवरण

  • आयोजन स्थल: शेरेटन ग्रैंड पैलेस (ओमेक्स सिटी-1) / देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर।

  • अध्यक्षता: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय

  • शामिल क्षेत्र: मध्य, पश्चिम, दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम क्षेत्रों (कुल 4 क्षेत्र) के कार्यालयों ने इसमें भाग लिया।

  • मुख्य उद्देश्य: केंद्र सरकार के कार्यालयों, बैंकों और उपक्रमों में राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन की समीक्षा करना और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करना।

? क्षेत्रीय राजभाषा पुरस्कार 2024-25

सम्मेलन के दौरान विभिन्न श्रेणियों में वर्ष 2024-25 के लिए पुरस्कार वितरित किए गए। पुरस्कारों को तीन मुख्य श्रेणियों (क्षेत्र ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’) में विभाजित किया गया था:

प्रमुख विजेता संस्थान (झलकियां):

पुरस्कारों का वितरण मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) और बैंकों को उनके द्वारा किए गए हिंदी कार्यों के आधार पर किया गया:

श्रेणी पुरस्कार विजेता संस्थान (संभावित/प्रमुख)
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम प्रथम HPCL (विशाखा रिफाइनरी) व अन्य क्षेत्रीय कार्यालय
राष्ट्रीयकृत बैंक द्वितीय भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), सतना मंडल
सरकारी कार्यालय तृतीय भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), इंदौर
क्षेत्रीय बोर्ड/निगम विशेष सम्मान बैंक ऑफ इंडिया, आंचलिक कार्यालय

? सम्मेलन की मुख्य बातें

  1. हिंदी शब्द सिंधु: सम्मेलन में ‘हिंदी शब्द सिंधु’ (बृहत हिंदी शब्दकोश) परियोजना की प्रगति पर चर्चा की गई।

  2. राजभाषा भारती: विभाग की त्रैमासिक पत्रिका ‘राजभाषा भारती’ के आगामी अंक (172) के ‘पूर्वोत्तर भारत’ विशेषांक का अनावरण किया गया।

  3. तकनीकी नवाचार: कंठस्थ (Kanthasth) जैसे अनुवाद उपकरणों और ‘लीला’ (LILA) हिंदी शिक्षण ऐप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर जोर दिया गया।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।