नई दिल्ली. पश्चिम एशिया (Strait of Hormuz) में जारी तनाव के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए ‘प्लान-बी’ पर तेजी से अमल शुरू कर दिया है। कल, 20 मार्च 2026 को देश के प्रमुख बंदरगाहों पर तेल और गैस के कई बड़े टैंकर पहुंचे, जो घरेलू बाजार में ईंधन की आपूर्ति को स्थिर रखने में मददगार साबित होंगे।
चीन जा रहे जहाजों का ‘यू-टर्न’: भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत
एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, कम से कम 7 रूसी तेल टैंकर, जो पहले चीन के रिझाओ (Rizhao) बंदरगाह की ओर जा रहे थे, उन्होंने समुद्र के बीच में ही अपना रास्ता बदलकर भारत का रुख कर लिया है।
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Aqua Titan: रूसी ‘यूराल्स’ कच्चे तेल के 7.7 लाख बैरल लेकर यह जहाज कल देर रात न्यू मंगलौर पोर्ट के करीब पहुंच गया।
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Zouzou N: कजाकिस्तान का कच्चा तेल लेकर आ रहा यह जहाज भी अब चीन के बजाय सिक्का (गुजरात) बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है।
अमेरिकी प्रतिबंधों में मिली 30 दिनों की विशेष छूट के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने पिछले एक हफ्ते में लगभग 3 करोड़ बैरल रूसी तेल के सौदे किए हैं, ताकि खाड़ी देशों से होने वाली आपूर्ति में कमी को पूरा किया जा सके।
ऊर्जा अपडेट: matribhumisamachar.com/india-energy-security-russia-oil
20 मार्च को भारतीय तटों पर पहुंचे या पहुँचने वाले प्रमुख जहाज
शिप-ट्रैकिंग डेटा और पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, कल निम्नलिखित जहाजों ने अपना कार्गो अनलोड करना शुरू किया:
| जहाज का नाम | कार्गो (सामग्री) | बंदरगाह | मात्रा (लगभग) |
| Aqua Live | कच्चा तेल (Crude Oil) | कोच्चि (Cochin) | 1,00,000 मीट्रिक टन |
| BW Brussels | एलएनजी (LNG) | दाहेज (Dahej) | 60,000 मीट्रिक टन |
| Greenergy Pearl | एलएनजी (LNG) | कोच्चि (Cochin) | 73,169 मीट्रिक टन |
| Suez Enchanted | कच्चा तेल (Crude Oil) | कोच्चि (Cochin) | 1,39,506 मीट्रिक टन |
| Dawn Haridwar | वीएलएसएफओ (VLSFO) | कोच्चि (Cochin) | 5,000 मीट्रिक टन |
रक्षा समाचार: matribhumisamachar.com/indian-navy-escorts-lpg-tankers
हॉर्मुज संकट और भारत की तैयारी
वर्तमान में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली आपूर्ति में 30% तक की गिरावट आई है। हालांकि, भारत ने अपनी रणनीति बदलते हुए अब 70% कच्चे तेल का आयात उन समुद्री रास्तों से करना शुरू कर दिया है जो तनाव वाले क्षेत्र से बाहर हैं।
विशेष नोट: भारतीय नौसेना की सुरक्षा में ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ जैसे LPG टैंकरों के सुरक्षित पहुंचने से देश में रसोई गैस की संभावित किल्लत का खतरा टल गया है। सरकार ने रिफाइनरियों को आदेश दिया है कि वे घरेलू एलपीजी उत्पादन को अधिकतम स्तर पर रखें।
आर्थिक विश्लेषण: matribhumisamachar.com/petrol-diesel-price-stability-2026
आम आदमी पर क्या होगा असर?
जहाजों के इस निरंतर प्रवाह और रूस से मिल रहे रियायती तेल के कारण विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में स्थिरता बनी रह सकती है। सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए राज्यों को सख्त निर्देश भी जारी किए हैं।
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