कानपुर । शनिवार, 20 जून 2026
उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कानपुर के सर्राफा बाजार (बिरहाना रोड और नयागंज) में पिछले कुछ दिनों की उतार-चढ़ाव भरी हलचल के बाद अब सोने और चांदी की कीमतों में स्थिरता देखने को मिल रही है। कीमती धातुओं के भाव में आई इस मामूली नरमी के बाद बाजार में एक बार फिर निवेशकों और आम आभूषण खरीदारों की दिलचस्पी काफी बढ़ गई है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे व्यापक बदलावों के बीच घरेलू स्तर पर मांग (Physical Demand) सुधरने लगी है, जिससे कीमतों को निचले स्तर पर एक मजबूत सपोर्ट मिला है।
📊 आज के प्रमुख भाव: कानपुर सर्राफा बाजार (20 जून 2026)
स्थानीय सर्राफा एसोसिएशन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को कानपुर के खुदरा बाजार में सोने और चांदी के भाव कुछ इस प्रकार दर्ज किए गए:
| धातु और शुद्धता | आज का अनुमानित भाव (₹) | मापदंड (Weight) |
| 24 कैरेट सोना (99.9% शुद्ध) | ₹1,46,480 | प्रति 10 ग्राम |
| 22 कैरेट सोना (ज्वेलरी वेट) | ₹1,39,500 | प्रति 10 ग्राम |
| 18 कैरेट सोना (लाइटवेट ज्वेलरी) | ₹1,12,210 | प्रति 10 ग्राम |
| शुद्ध चांदी (999 सिल्क) | ₹1,01,500 | प्रति किलोग्राम |
⚠️ महत्वपूर्ण तथ्य : पूर्व में जारी कुछ अनौपचारिक अनुमानों में चांदी की कीमत ₹2.80 लाख प्रति किलो तक बताई जा रही थी, जो कि पूरी तरह भ्रामक है। वास्तविक जिंस बाजार (Commodity Market) समीक्षा के अनुसार वर्तमान में चांदी का सही भाव ₹1.01 लाख से ₹1.05 लाख प्रति किलोग्राम के दायरे में बना हुआ है।
📈 बाजार में स्थिरता आने के मुख्य कारण
कमोडिटी मार्केट के विशेषज्ञों और स्थानीय बड़े व्यापारियों के मुताबिक, वर्तमान में कीमतों के एक सीमित दायरे (Consolidation Phase) में रहने के पीछे तीन प्रमुख वैश्विक और घरेलू कारक काम कर रहे हैं:
1. वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और डॉलर की चाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स की मजबूती और अमेरिकी केंद्रीय बैंक (Federal Reserve) के ब्याज दरों को लेकर आने वाले बयानों के कारण सोने की वैश्विक कीमतों पर दबाव बना हुआ है। जब भी डॉलर मजबूत होता है, विदेशी बाजारों में सोने में मुनाफावसूली देखने को मिलती है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ता है।
2. शादियों और आगामी त्योहारों का सीजन
भारत में शादियों के सीजन के दौरान सोने को शगुन और उपहार के रूप में अनिवार्य माना जाता है। सर्राफा व्यापारियों का मानना है कि जून के उत्तरार्ध और आगामी त्योहारी महीनों को देखते हुए आभूषणों की खुदरा मांग में भारी उछाल आने की उम्मीद है। कीमतों में आई इस स्थिरता का फायदा उठाने के लिए कई परिवार अभी से एडवांस बुकिंग करा रहे हैं।
3. औद्योगिक मोर्चे पर चांदी की मांग
सोने के साथ-साथ चांदी में भी स्थिरता का रुख है। सोलर पैनल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में चांदी की औद्योगिक खपत लगातार बनी हुई है, जिससे इसके भाव को बहुत नीचे जाने से रोका जा रहा है।
💡 आभूषण खरीदारों और निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
यदि आप इस स्थिरता के माहौल में सोने या चांदी के आभूषण खरीदने का मन बना रहे हैं, तो सर्राफा व्यापारियों ने ग्राहकों को कुछ जरूरी गाइडलाइंस का पालन करने की सलाह दी है:
-
स्थानीय स्तर पर भाव की पुष्टि करें: इंटरनेट या बुलियन मार्केट के भाव हमेशा सांकेतिक और थोक होते हैं। खुदरा शोरूम पर जाकर हमेशा उस दिन के लाइव रेट की दोबारा जांच करें।
-
मेकिंग चार्ज और जीएसटी: आपके द्वारा चुनी गई ज्वेलरी की अंतिम कीमत में 3% जीएसटी (GST) और ज्वेलर्स द्वारा लिया जाने वाला मेकिंग चार्ज (घड़ाई शुल्क) अलग से जोड़ा जाता है। अलग-अलग डिजाइनों के आधार पर मेकिंग चार्ज में बड़ा अंतर हो सकता है।
-
हॉलमार्किंग (Hallmarking) अनिवार्य रूप से देखें: हमेशा सरकार द्वारा प्रमाणित छह अंकों वाले HUID (Hallmark Unique Identification) नंबर वाले आभूषण ही खरीदें, ताकि भविष्य में उसे रीसेल (दोबारा बेचने) करते समय आपको शुद्धता का पूरा पैसा मिल सके।
व्यापारियों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ी भू-राजनीतिक (Geopolitical) उथल-पुथल नहीं होती है, तो घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतें आने वाले हफ्तों में इसी सीमित दायरे में बनी रहेंगी, जो खरीदारों के लिए एक अनुकूल अवसर साबित हो सकता है।
ताजा व्यापारिक और राष्ट्रीय ख़बरों के अंग्रेजी विश्लेषण के लिए विजिट करें: Matribhumi Samachar English
Matribhumisamachar


