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कर्नाटक में जबरन धर्मांतरण मामला: कोडागु में 9 साल के बच्चे का कथित धर्म परिवर्तन, केरल से तार जुड़े, 2 गिरफ्तार

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कुशलनगर । शनिवार, 20 जून 2026

कर्नाटक के कोडागु जिले के कुशलनगर क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक नौ साल के मासूम बच्चे के कथित जबरन धर्मांतरण और पहचान बदलने को लेकर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह मामला तब गरमाया जब बच्चे के पिता ने अपनी मर्जी और सहमति के बिना इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम देने का आरोप लगाया। इस घटना के तार पड़ोसी राज्य केरल से भी जुड़ रहे हैं, जिसके बाद स्थानीय संगठनों में भारी आक्रोश है।

क्या है पूरा मामला? (The Background)

शिकायतकर्ता राजीव (बदला हुआ नाम), जो कुशलनगर क्षेत्र के निवासी हैं, ने पुलिस में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, उनकी पत्नी सचिता कुशलनगर के प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र ‘निसर्गधाम’ (Nisargadhama Tourism Center) की एक दुकान में सेल्सवुमन के रूप में काम करती थीं। इसी दौरान उनकी पहचान सलीम और जलील नाम के दो स्थानीय व्यक्तियों से हुई।

राजीव का आरोप है कि इन दोनों आरोपियों ने उनकी पत्नी को मानसिक रूप से प्रभावित किया। करीब एक महीने पहले, सचिता अपने 9 साल के बेटे को लेकर बिना पिता की सहमति के केरल के मलप्पुरम जिले के मंजेरी क्षेत्र में चली गईं। आरोप है कि वहाँ कई हफ़्तों तक रहने के दौरान एक स्थानीय मस्जिद में बच्चे का कथित तौर पर खतना (Circumcision) कराया गया और उसकी धार्मिक पहचान बदल दी गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारियां

मामले की भनक जब कुशलनगर और आसपास के क्षेत्रों में फैली, तो स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों के हस्तक्षेप के बाद राजीव ने पुलिस प्रशासन से संपर्क किया। पुलिस ने धारा के तहत मामला दर्ज कर दोनों मुख्य आरोपियों—सलीम और जलील—को हिरासत में ले लिया है। कोडागु पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक और सामाजिक प्रयासों के बाद बच्चे को केरल से सुरक्षित वापस कर्नाटक लाया जा चुका है। फिलहाल बच्चे को उचित देखरेख, मेडिकल परीक्षण और मानसिक आघात से उबारने के लिए काउंसलिंग (Counseling) सेशन के तहत रखा गया है।

मामले में आया नया मोड़: माँ और पिता के बयानों में विरोधाभास

पुलिस जांच के दौरान इस मामले में एक नया कानूनी मोड़ आ गया है। जहाँ एक तरफ पिता राजीव का स्पष्ट आरोप है कि यह सब उनकी जानकारी और सहमति के बिना ‘जबरन’ किया गया है, वहीं दूसरी तरफ बच्चे की माँ सचिता ने जांचकर्ताओं के सामने एक अलग बयान दिया है।

सचिता का दावा है कि उन्होंने किसी के दबाव में आकर नहीं, बल्कि अपनी स्वेच्छा (Free Will) से और धार्मिक शिक्षाओं से प्रभावित होकर नया धर्म अपनाने का फैसला किया था। कर्नाटक के कड़े धर्मांतरण विरोधी कानूनों के तहत अब पुलिस इस बात की बारीकी से पड़ताल कर रही है कि क्या इस मामले में किसी प्रकार का प्रलोभन, दबाव या वित्तीय लालच शामिल था।

स्थानीय संगठनों की मांग और सुरक्षा व्यवस्था

घटना के सामने आने के बाद कोडागु और कुशलनगर क्षेत्र में बहस और तनाव की स्थिति बनी हुई है। कई स्थानीय दक्षिणपंथी और सामाजिक संगठनों ने इस घटना की निंदा की है और मांग की है कि यदि जांच में जबरन धर्मांतरण के आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। एहतियात के तौर पर पुलिस ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ा दी है।

पुलिस महानिरीक्षक और स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और पूरी मेडिकल रिपोर्ट तथा विस्तृत बयानों के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।

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