नई दिल्ली । सोमवार, 20 जुलाई 2026
देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 का प्रभाव चरम पर है। उत्तर, पूर्व, पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में लगातार हो रही वर्षा से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई संवेदनशील राज्यों में तेज हवाओं, वज्रपात और भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए हैं।
मैदानी और पर्वतीय इलाकों में मानसून का असर
1. उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर
उत्तर प्रदेश के कानपुर, लखनऊ सहित कई जिलों में सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं। आकाशीय बिजली और मूसलाधार बारिश की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में मध्यम बारिश के कारण निचले स्थानों पर जलभराव और यातायात धीमी होने की चेतावनी दी गई है।
2. पर्वतीय राज्यों में भूस्खलन का खतरा
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों तथा संवेदनशील ढलानों के करीब न जाने की सख्त चेतावनी जारी की है।
3. पूर्वी और तटीय भारत
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, कोंकण, गोवा और केरल में भी भारी मानसून बारिश जारी रहने का अनुमान है। वहीं, असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
मौसम विभाग (IMD) की सुरक्षा सलाह
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नदी-नालों से दूरी बनाएं: उफनते जलाशयों और नालों के करीब न जाएं।
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बिजली चमकते समय सावधान रहें: खुले मैदानों, पेड़ों या लोहे के खंभों के पास शरण न लें।
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अनावश्यक यात्रा से बचें: भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सड़क यात्रा टालें या ताजा ट्रैफिक और मौसम अपडेट के बाद ही निकलें।
बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: क्या आने वाले दिनों में बारिश रुकने की संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा और मध्यम से भारी वर्षा जारी रह सकती है।
Q2: दिल्ली-एनसीआर में बारिश का क्या अनुमान है?
दिल्ली-एनसीआर में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह समाचार रिपोर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी पूर्वानुमानों पर आधारित है। मौसम की स्थितियां स्थानीय स्तर पर तेजी से बदल सकती हैं, अतः नवीनतम एवं सटीक अलर्ट के लिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट पर नज़र बनाए रखें।
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