मंगलवार, सितंबर 15 2026 | 09:39:50 AM

1984 सिख विरोधी दंगों के दोषी पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का निधन: चार दशकों के राजनीतिक और न्यायिक अध्याय का अंत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read
नई दिल्ली । गुरुवार, 20 अगस्त 2026
1984 के सिख विरोधी दंगों (1984 Anti-Sikh Riots) से जुड़े मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद थे, जहां स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें तुरंत सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके साथ ही 1984 के दंगों से जुड़ा एक लंबा और चर्चित कानूनी व राजनीतिक दौर समाप्त हो गया है।

दिल्ली की राजनीति में दबदबा और सांसदी का सफर

सज्जन कुमार लंबे समय तक दिल्ली कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक गिने जाते थे। उन्होंने तीन बार लोकसभा में बाहरी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। हालांकि, 1984 के दंगों में नाम आने और बाद में कानूनी कसौटी पर दोषी पाए जाने के कारण उनका राजनीतिक जीवन विवादों से घिर गया। वर्ष 2018 में कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया था।

1984 के सिख विरोधी दंगे और कानूनी कार्रवाई

31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके ही सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या किए जाने के बाद दिल्ली और देश के कई हिस्सों में हिंसक दंगे भड़क उठे थे। इन दंगों के दौरान भीड़ को भड़काने, साजिश रचने और हिंसा फैलाने के आरोपों में सज्जन कुमार पर कई मामले दर्ज किए गए।
सज्जन कुमार से संबंधित प्रमुख अदालती फैसले निम्नलिखित हैं:
  • दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला (2018): 17 दिसंबर 2018 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के बरी करने के आदेश को पलटते हुए पालम राज नगर इलाके में पांच सिखों की हत्या और गुरुद्वारे को जलाने के मामले में उन्हें दोषी ठहराया तथा आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
  • जसवंत सिंह व तरुणदीप सिंह हत्या मामला (2025): फरवरी 2025 में दिल्ली की एक अदालत ने 1984 दंगों से जुड़े एक अन्य मामले में सज्जन कुमार को पिता-पुत्र की हत्या का दोषी पाते हुए एक और उम्रकैद की सजा सुनाई।
  • जनकपुरी-विकासपुरी मामला (2026): हालांकि, जनवरी 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने साक्ष्यों की कमी के आधार पर उन्हें जनकपुरी और विकासपुरी हिंसा से जुड़े मामलों से बरी कर दिया था।
सज्जन कुमार का निधन 1984 के दंगों के पीड़ितों की दशकों पुरानी न्याय की लड़ाई का एक अहम मोड़ माना जा रहा है। देश की राजनीति और कानूनी इतिहास में यह मामला हमेशा चर्चा के केंद्र में रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. सज्जन कुमार कौन थे?
सज्जन कुमार पूर्व कांग्रेस नेता और तीन बार बाहरी दिल्ली से सांसद रहे थे। वह 1984 के सिख विरोधी दंगों में दोषी ठहराए गए प्रमुख नेताओं में शामिल थे।
2. सज्जन कुमार को किस मामले में सजा हुई थी?
उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा 2018 में पालम इलाके में 5 सिखों की हत्या और 2025 में एक अन्य मामले में पिता-पुत्र की हत्या की साजिश व हिंसा भड़काने के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
3. सज्जन कुमार का निधन कहाँ और कैसे हुआ?
तिहाड़ जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्टों और अदालती दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।