लखनऊ. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आज दोपहर एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब भारतीय वायुसेना (IAF) का एक दो-सीटर माइक्रोलाइट (Microlight) प्रशिक्षण विमान तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त होकर शहर के बीचों-बीच एक तालाब में जा गिरा।
बुधवार, 21 जनवरी 2026 को दोपहर लगभग 12:15 बजे, वायुसेना स्टेशन बमरोली (Bamrauli) से एक माइक्रोलाइट विमान ने नियमित प्रशिक्षण उड़ान (Routine Sortie) भरी थी। उड़ान के कुछ ही मिनटों बाद विमान के इंजन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को रिहाइशी इलाके से दूर ले जाने का प्रयास किया।
1. घटना का घटनाक्रम (Timeline)
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टेकऑफ: दोपहर 12:00 बजे के आसपास बमरोली एयरबेस से।
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खराबी का पता चला: 12:10 बजे इंजन ने काम करना बंद कर दिया।
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क्रैश: 12:15 से 12:30 के बीच विमान जॉर्ज टाउन इलाके में स्थित केपी कॉलेज के पीछे एक बड़े तालाब में जा गिरा।
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इमरजेंसी लैंडिंग: पायलटों ने विमान को नियंत्रित करने के लिए ‘रिकवरी सिस्टम’ (पैराशूट) का इस्तेमाल किया, जिससे विमान की गति धीमी हो गई।
2. स्थानीय लोग बने ‘देवदूत’
विमान जैसे ही तालाब में गिरा, वहां मौजूद स्थानीय निवासियों और छात्रों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। तालाब में गहरी जलकुंभी और दलदल होने के कारण बचाव दल को पहुँचने में समय लग रहा था, ऐसे में स्थानीय युवाओं ने तैरकर तालाब के बीच फंसे दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार: “आसमान में एक तेज धमाके जैसी आवाज हुई और विमान डगमगाते हुए नीचे आने लगा। गनीमत रही कि वह तालाब में गिरा, जिससे आग नहीं लगी।”
3. तकनीकी जांच और वर्तमान स्थिति
वायुसेना ने इस घटना पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ (Court of Inquiry) के आदेश दे दिए हैं।
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प्रारंभिक रिपोर्ट: शुरुआती जांच में ‘इंजन फेलियर’ (Engine Failure) को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।
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विमान का प्रकार: यह एक ‘माइक्रोलाइट’ विमान था, जिसका उपयोग अक्सर पक्षियों की टोह लेने (Bird Recce) और प्रशिक्षण के लिए किया जाता है।
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पायलटों की स्थिति: दोनों पायलट सुरक्षित हैं और उन्हें मामूली चोटें आई हैं। उन्हें उपचार के लिए वायुसेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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