नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश करने वाली हैं। इस बार का बजट खास है क्योंकि सरकार का पूरा ध्यान ‘न्यू टैक्स रिजीम’ (New Tax Regime) को अधिक आकर्षक बनाने और मध्यम वर्ग के हाथ में अधिक पैसा (Disposable Income) छोड़ने पर है।
यहाँ संभावित बदलावों पर एक विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:
1. न्यू टैक्स रिजीम: स्लैब में संभावित बदलाव
पिछले बजट (2025) में सरकार ने 12 लाख रुपये तक की आय को प्रभावी रूप से टैक्स फ्री कर दिया था। इस बार चर्चा है कि सरकार 30% के उच्चतम स्लैब की सीमा को और बढ़ा सकती है।
-
वर्तमान स्थिति: ₹24 लाख से अधिक की आय पर 30% टैक्स लगता है।
-
संभावित बदलाव: उद्योग जगत और विशेषज्ञों की मांग है कि 30% टैक्स की सीमा को बढ़ाकर ₹40 लाख या ₹50 लाख किया जाए, ताकि उच्च मध्यम वर्ग को राहत मिल सके।
2. स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) में बढ़ोतरी
नौकरीपेशा लोगों के लिए ‘स्टैंडर्ड डिडक्शन’ सबसे बड़ी राहत होती है।
-
उम्मीद: वर्तमान में न्यू टैक्स रिजीम में यह ₹75,000 है। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई को देखते हुए इसे बढ़ाकर ₹1,00,000 से ₹1,25,000 किया जा सकता है।
-
फायदा: इससे सैलरीड क्लास की ‘इन-हैंड सैलरी’ बढ़ जाएगी।
3. हेल्थ इंश्योरेंस (धारा 80D) का लाभ
वर्तमान में न्यू टैक्स रिजीम में निवेश पर कोई छूट नहीं मिलती। लेकिन सूत्रों के अनुसार, सरकार सेक्शन 80D (हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम) के तहत मिलने वाली छूट को न्यू टैक्स रिजीम में भी शामिल कर सकती है। इसका उद्देश्य देश में स्वास्थ्य बीमा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों पर मेडिकल खर्च का बोझ कम करना है।
4. ओल्ड टैक्स रिजीम का भविष्य
पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट है—वह इसे धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है।
-
ऐसी संभावना है कि धारा 80C (₹1.5 लाख की सीमा) में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, ताकि लोग नए टैक्स सिस्टम की ओर शिफ्ट हों।
5. बजट 2026 की संभावित स्लैब तालिका (New Regime)
अनुमानित सूत्रों के आधार पर:
| आय का स्तर (₹) | वर्तमान दर | संभावित दर/बदलाव |
| 0 – 4 लाख | 0% | 0% |
| 4 – 8 लाख | 5% | 5% (या छूट का दायरा बढ़ सकता है) |
| 8 – 12 लाख | 10% | 10% |
| 12 – 16 लाख | 15% | 12% (कमी की संभावना) |
| 16 – 24 लाख | 20-25% | स्लैब का सरलीकरण |
| 24 लाख से अधिक | 30% | ₹30-40 लाख के बाद 30% |
सरकार का मुख्य लक्ष्य ‘ग्रोथ’ और ‘कंजम्पशन’ (खपत) को बढ़ावा देना है। अगर लोगों के पास टैक्स देने के बाद ज्यादा पैसा बचेगा, तो वे बाजार में खर्च करेंगे, जिससे इकोनॉमी को गति मिलेगी।
Matribhumisamachar


