अयोध्या | बुधवार, 22 जुलाई 2026
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद अहम बैठक आयोजित हो रही है। मंदिर निर्माण और उसके बाद की व्यवस्थाओं के बीच यह बैठक कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। बैठक में राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे, वित्तीय पारदर्शिता, दैनिक व्यवस्थाओं और हाल के घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। देशभर के श्रद्धालुओं और मीडिया की नजरें इस बैठक से निकलने वाले फैसलों पर टिकी हुई हैं।
1. चढ़ावा प्रकरण और SIT की अंतिम रिपोर्ट पर पैनी नजर
बैठक का सबसे संवेदनशील और प्राथमिकता वाला एजेंडा राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की रिपोर्ट पर विचार करना है। हाल ही में चढ़ावे की गिनती में गड़बड़ी और सुरक्षा खामियों की शुरुआती रिपोर्ट सामने आई थी।
यदि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को प्राप्त होती है, तो उसके निष्कर्षों, खामियों को दूर करने के तरीकों और दोषी कर्मचारियों/अधिकारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई पर फैसला हो सकता है।
2. CEO पद के लिए 5,500 से अधिक आवेदन
राम मंदिर के दिन-प्रतिदिन के प्रबंधन और वित्तीय संचालन को पेशेवर तरीके से चलाने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है।
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इस पद के लिए देश भर से 5,500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
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आवेदकों में कई सेवानिवृत्त IAS और IPS अधिकारी भी शामिल हैं।
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ट्रस्ट इस बैठक में चयन समिति की सिफारिशों और शॉर्टलिस्टिंग प्रक्रिया को अंतिम रूप दे सकता है।
3. समितियों का पुनर्गठन और नई नियुक्तियां
मंदिर के बढ़ते प्रशासनिक परिसर और लाखों श्रद्धालुओं की दैनिक आवाजाही को देखते हुए ट्रस्ट अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव करने जा रहा है:
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प्रशासनिक समितियों का पुनर्गठन: सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और अकाउंट्स जैसी अलग-अलग समितियों की जिम्मेदारियां फिर से तय की जा सकती हैं।
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रिक्त पदों पर भर्ती: ट्रस्ट में खाली पड़े पदों को भरने और नए ट्रस्टियों को शामिल करने पर सहमति बन सकती है।
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पुजारियों व सुरक्षा की समीक्षा: मंदिर के पुजारियों की दैनिक कार्यप्रणाली, रोस्टर और मंदिर परिसर की बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का खाका तैयार किया जाएगा।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक का मुख्य एजेंडा क्या है?
उत्तर: मुख्य एजेंडे में चढ़ावा प्रकरण की SIT जांच रिपोर्ट पर विचार, नए CEO की नियुक्ति, विभिन्न समितियों का पुनर्गठन, और मंदिर की सुरक्षा व प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा शामिल है।
Q2: राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए क्या योग्यता मांगी गई थी?
उत्तर: CEO पद के लिए न्यूनतम 20 वर्षों का प्रशासनिक या वित्तीय अनुभव, स्नातक डिग्री, तथा मंदिर प्रबंधन का अनुभव रखने वाले हिंदू धर्मावलंबी उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी गई है।
Q3: क्या इस बैठक के बाद आधिकारिक घोषणा की जाएगी?
उत्तर: हाँ, बैठक समाप्त होने के बाद ट्रस्ट की ओर से लिए गए मुख्य प्रस्तावों और निर्णयों की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति/घोषणा जारी की जाएगी।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख उपलब्ध समाचार सूत्रों और प्रशासनिक जानकारियों पर आधारित है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति आने पर निर्णयों में संशोधन या अतिरिक्त विवरण जोड़ा जा सकता है।
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