नई दिल्ली । बुधवार, 22 जुलाई 2026
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अपने दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर फिलीपींस की राजधानी मनीला पहुंचे हैं। यह दौरा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ (Act East Policy) नीति को सुदृढ़ करने और एक मुक्त, खुले, समावेशी तथा नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को नई मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
अपने इस दौरे के दौरान विदेश मंत्री ASEAN (दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन) से जुड़े विभिन्न मंत्रिस्तरीय सम्मेलनों और QUAD (क्वाड) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं।
📌 किन प्रमुख सम्मेलनों में भाग ले रहे हैं विदेश मंत्री?
विदेश मंत्री मनीला में आयोजित निम्नलिखित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं:
-
ASEAN-India विदेश मंत्रिस्तरीय बैठक (Post-Ministerial Conference)
-
ईस्ट एशिया समिट (East Asia Summit – EAS)
-
ASEAN क्षेत्रीय मंच (ASEAN Regional Forum – ARF)
-
QUAD (क्वाड) विदेश मंत्रियों की बैठक
इन बैठकों में मुख्य रूप से क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री सहयोग (Maritime Security), आर्थिक साझेदारी, आपूर्ति शृंखलाओं (Supply Chains) का सुदृढ़ीकरण और उभरती प्रौद्योगिकियों (Emerging Technologies) जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण वैश्विक विषयों पर गहन चर्चा की जा रही है।
🌐 वैश्विक चुनौतियों और सुरक्षा पर भारत का दृष्टिकोण
मनीला में ASEAN-India पोस्ट-मिनिस्टीरियल सम्मेलन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि वर्तमान की अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा, खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई हैं।
“गहरी और मजबूत साझेदारी के माध्यम से ही हम वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं (Supply Chains) को अधिक सुरक्षित, लचीला और विविध (Diverse) बना सकते हैं।”
— डॉ. एस. जयशंकर, विदेश मंत्री (भारत)
🤝 द्विपक्षीय वार्ताएँ: फिलीपींस और अमेरिका के साथ रणनीति
सम्मेलनों के इतर, डॉ. जयशंकर ने कई देशों के समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें (Bilateral Talks) भी कीं:
1. भारत-फिलीपींस रणनीतिक वार्ता
विदेश मंत्री ने फिलीपींस की विदेश मंत्री मा. थेरेसा पी. लाज़ारो के साथ विस्तृत चर्चा की। दोनों नेताओं ने:
-
भारत-फिलीपींस रणनीतिक साझेदारी के विस्तार पर बल दिया।
-
रक्षा सहयोग (Defense Cooperation) और समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने पर सहमति जताई।
-
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के नवीनतम घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
2. भारत-अमेरिका बैठक (मार्को रुबियो के साथ मुलाकात)
जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में निम्नलिखित क्षेत्रों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ:
-
भारत-अमेरिका रणनीतिक व रक्षा साझेदारी
-
द्विपक्षीय व्यापार और ऊर्जा सहयोग
-
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI)
-
महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) एवं क्षेत्रीय सुरक्षा
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. डॉ. एस. जयशंकर का फिलीपींस दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह दौरा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, ASEAN-भारत संबंधों को मजबूत करने, QUAD सहयोग को बढ़ाने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नियम-आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Q2. इस दौरे के दौरान किन प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया?
उत्तर: इसमें समुद्री सुरक्षा, खाद्य व ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, आपूर्ति शृंखलाओं के विविधीकरण, रक्षा सहयोग, एआई (AI) और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
Q3. मनीला में विदेश मंत्री ने किन-किन प्रमुख नेताओं से मुलाकात की?
उत्तर: उन्होंने फिलीपींस की विदेश मंत्री मा. थेरेसा पी. लाज़ारो और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो सहित कई अन्य देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह लेख उपलब्ध समाचार विवरणों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के विश्लेषण पर आधारित है। इसे केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्य से तैयार किया गया है।
Matribhumisamachar


