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INS Malvan Commissioning: भारतीय नौसेना में शामिल हुआ ‘INS मालवन’, जानें तटीय सुरक्षा में क्यों है खास

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कारवार | बुधवार, 22 जुलाई 2026

भारतीय नौसेना ने अपनी समुद्री सुरक्षा और एंटी-सबमरीन क्षमताओं को और मजबूत करते हुए बुधवार को स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस मालवन (INS Malvan) को औपचारिक रूप से अपने बेड़े में शामिल कर लिया। कर्नाटक के कारवार स्थित नौसैनिक अड्डे पर आयोजित इस समारोह में रक्षा विभाग और भारतीय सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

यह युद्धपोत ‘माहे श्रेणी’ (Mahe-class) का दूसरा एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) है। इसे विशेष रूप से तटीय तथा उथले समुद्री क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।

कोचीन शिपयार्ड और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का बड़ा प्रतीक

आईएनएस मालवन का निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard Limited – CSL) द्वारा किया गया है। इस युद्धपोत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरण और प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया गया है।

विशेष नोट: यह रक्षा निर्माण क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता (Aatmanirbhar Bharat) और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की एक बड़ी सफलता है, जो देश की स्वदेशी पोत निर्माण क्षमता को वैश्विक मंच पर दर्शाती है।

आईएनएस मालवन की प्रमुख विशेषताएँ और युद्ध क्षमता

  • उन्नत सोनार प्रणाली: उथले पानी में भी दुश्मन की पनडुब्बियों और चालक रहित जलमग्न वाहनों (UUVs) की सटीक निगरानी।

  • घातक हथियार प्रणाली: आधुनिक टॉरपीडो, रॉकेट लॉन्चर और तटीय अभियानों के लिए विशेष पनडुब्बी-रोधी हथियारों से लैस।

  • हाई-स्पीड वाटरजेट प्रोपल्शन: उथले जल क्षेत्रों (Littoral Waters) में तेज चाल और उत्कृष्ट गतिशीलता।

  • बहुउद्देश्यीय भूमिका: तटीय सुरक्षा के अलावा, यह युद्धपोत बंदरगाहों, नौसैनिक अड्डों और महत्वपूर्ण व्यापारिक समुद्री मार्गों की निरंतर सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक महत्व

हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region) में चीन और पाकिस्तान की बढ़ती नौसैनिक व पनडुब्बी गतिविधियों के बीच आईएनएस मालवन की तैनाती रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत निर्णायक है। उथले तटीय क्षेत्रों में बड़े जहाजों का संचालन कठिन होता है, ऐसे में यह स्वदेशी क्राफ्ट अग्रिम पंक्ति के “सबमरीन हंटर” के रूप में काम करेगा और भारत की समुद्री प्रतिरोधक क्षमता (Deterrence Capability) में वृद्धि करेगा।

नौसेना के व्यापक आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत माहे श्रेणी के इन जहाजों को पुराने ए-अभय (Abhay class) जहाजों की जगह बेड़े में शामिल किया जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. आईएनएस मालवन (INS Malvan) क्या है?

आईएनएस मालवन माहे-श्रेणी (Mahe-class) का दूसरा एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) है, जिसे तटीय और उथले पानी में पनडुब्बियों की निगरानी और रक्षा के लिए बनाया गया है।

2. आईएनएस मालवन का निर्माण किसने किया है?

इसका निर्माण भारत के प्रमुख रक्षा पोत निर्माता कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा किया गया है।

3. इसमें कितने प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है?

आईएनएस मालवन में 80% से अधिक स्वदेशी उपकरण, हथियार और तकनीक का उपयोग किया गया है।

4. इसे भारतीय नौसेना के किस अड्डे पर शामिल किया गया है?

इसे कर्नाटक के कारवार (Karwar) नौसैनिक अड्डे पर औपचारिक रूप से नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया।

Disclaimer (अस्वीकरण): यह लेख उपलब्ध आधिकारिक समाचारों, सार्वजनिक रिपोर्टों और प्रेस जानकारियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल पाठकों को सूचित करना और सामान्य ज्ञान/समाचार उपलब्ध कराना है।

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