सोमवार, जुलाई 27 2026 | 09:57:48 AM
Breaking News
Home / राष्ट्रीय / NEET Paper Leak: 4 राज्यों में बनेंगे फास्ट-ट्रैक कोर्ट, एंटी-चीटिंग कानून के तहत मिलेगी 5 साल की सख्त सजा

NEET Paper Leak: 4 राज्यों में बनेंगे फास्ट-ट्रैक कोर्ट, एंटी-चीटिंग कानून के तहत मिलेगी 5 साल की सख्त सजा

Follow us on:

NEET परीक्षा और फास्ट-ट्रैक कोर्ट के प्रतीक के साथ भारत सरकार के प्रतीक चिन्ह का पोस्टर

नई दिल्ली । गुरुवार, 23 जुलाई 2026

केंद्र सरकार ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली तथा पेपर लीक की घटनाओं पर नकेल कसने के लिए निर्णायक कदम उठाया है। लाखों परीक्षार्थियों और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकार ने घोषणा की है कि अब ऐसे मामलों में लंबी और पेचीदा कानूनी प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। देश के चार प्रमुख न्यायिक क्षेत्रों में विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जा रहे हैं, जहाँ इन मामलों की दैनिक (day-to-day) सुनवाई होगी ताकि दोषियों को तुरंत सजा मिल सके और पीड़ितों को समय पर न्याय मिले।

4 राज्यों में गठित होंगे विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट

प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने चार प्रमुख राज्यों में विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन हेतु औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये अदालतें संबंधित राज्य सरकारों और संबंधित उच्च न्यायालयों के परामर्श से तैयार की जा रही हैं।

इन विशेष अदालतों का अधिकार क्षेत्र मुख्य रूप से निम्नलिखित उच्च न्यायालयों से संबद्ध होगा:

  • बॉम्बे हाई कोर्ट (वर्तमान में दर्ज 4 FIRs में से 2 मामले इसी क्षेत्राधिकार में आते हैं)

  • कलकत्ता हाई कोर्ट

  • दिल्ली हाई कोर्ट

  • मध्य प्रदेश हाई कोर्ट

वर्तमान में विभिन्न उच्च न्यायालयों में NEET पेपर लीक से जुड़े चार मुख्य मामले लंबित हैं। इन सभी मामलों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित कर रोजाना सुनवाई के जरिए जल्द से जल्द इनका निस्तारण किया जाएगा।

‘एंटी-चीटिंग’ कानून (Public Examinations Act, 2024) के तहत होगी कार्रवाई

सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि NEET पेपर लीक के सभी आरोपियों पर हाल ही में लागू किए गए नए कानून—लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 [Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024] के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस कड़े कानून में निम्नलिखित कड़े प्रावधान शामिल हैं:

  1. कारावास: परीक्षा में धोखाधड़ी, प्रश्न पत्र लीक या अनुचित साधनों का उपयोग करने के दोषी पाए जाने पर 3 से 5 साल तक की जेल

  2. आर्थिक दंड: दोषियों पर ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। (संगठित अपराध के मामलों में जुर्माना ₹1 करोड़ तक हो सकता है)।

  3. गैर-जमानती अपराध: इस कानून के तहत अपराधों को अधिक गंभीर और गैर-जमानती श्रेणी में रखा गया है।

NEET ही नहीं, इन सभी प्रमुख परीक्षाओं पर भी लागू होगा कानून

यह एंटी-चीटिंग कानून केवल चिकित्सा प्रवेश परीक्षा (NEET) तक ही सीमित नहीं है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली सभी प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं के अलावा, निम्नलिखित केंद्रीय निकायों की परीक्षाएं भी इसके दायरे में आती हैं:

  • UPSC (संघ लोक सेवा आयोग)

  • SSC (कर्मचारी चयन आयोग)

  • RRB (रेलवे भर्ती बोर्ड)

  • IBPS (बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान)

  • केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों की सभी भर्ती परीक्षाएं

प्रधानमंत्री का कड़ा संदेश: “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी या माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को मामले में त्वरित जांच और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि देश की पारदर्शी परीक्षा प्रणाली पर छात्रों का विश्वास पुनः बहाल हो सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. NEET पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट कहाँ बनाए जा रहे हैं?

उत्तर: केंद्र सरकार बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के क्षेत्राधिकार में विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की प्रक्रिया में है।

Q2. नए एंटी-चीटिंग कानून के तहत क्या सजा का प्रावधान है?

उत्तर: पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024 के तहत दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को 3 से 5 साल की जेल और ₹10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है।

Q3. क्या यह नया कानून केवल NEET परीक्षा के लिए है?

उत्तर: नहीं, यह कानून NTA, UPSC, SSC, RRB, IBPS और केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों द्वारा आयोजित की जाने वाली भर्ती परीक्षाओं पर लागू होता है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख उपलब्ध आधिकारिक बयानों, मीडिया रिपोर्टों और सरकारी घोषणाओं पर आधारित है। इस संबंध में न्यायिक आदेशों व अधिसूचनाओं के आधिकारिक प्रकाशन के अनुसार विवरणों में संशोधन संभव है।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पुनर्गठन और शिक्षा सुधारों को लेकर मोदी सरकार का बड़ा एक्शन प्लान।

शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम: NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, एक महीने में बदला जाएगा पूरा ढांचा

नई दिल्ली | शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 देश की प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की निष्पक्षता …