नई दिल्ली | मंगलवार, 24 मार्च 2026
West Asia Crisis Updates: पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी भीषण संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में देश को संबोधित किया। तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी इस युद्ध को “चिंताजनक” बताते हुए पीएम ने आगाह किया कि यदि यह तनाव लंबा खिंचा, तो इसके “अत्यधिक गंभीर परिणाम” होंगे। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं है, बल्कि इसने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन को हिलाकर रख दिया है।
🚢 हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर गहराया संकट
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर विशेष चिंता जताई। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में कमर्शियल जहाजों पर हमले और रुकावटें भारत के लिए स्वीकार्य नहीं हैं।
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भारतीय क्रू मेंबर्स: पीएम ने खुलासा किया कि हॉर्मुज में कई अंतरराष्ट्रीय जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर सवार हैं।
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राहत की खबर: कूटनीतिक प्रयासों के चलते हाल के दिनों में वहां फंसे हुए कई भारतीय जहाज सुरक्षित स्वदेश लौट आए हैं।
🛢️ क्या भारत में होगा तेल और गैस का संकट?
ऊर्जा सुरक्षा पर देश को आश्वस्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए:
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पर्याप्त भंडारण: भारत के पास वर्तमान में 53 लाख मीट्रिक टन (MT) का रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Petroleum Reserves) है।
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क्षमता विस्तार: सरकार 65 लाख मीट्रिक टन की अतिरिक्त भंडारण क्षमता बनाने पर तेजी से काम कर रही है।
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सप्लाई में विविधता: भारत अब केवल एक क्षेत्र पर निर्भर नहीं है; हमने अपने ऊर्जा आयात के स्रोतों को 27 देशों तक फैला दिया है।
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घरेलू उपाय: इथेनॉल ब्लेंडिंग के जरिए भारत हर साल लगभग 4.5 करोड़ बैरल तेल के आयात की बचत कर रहा है।
🌍 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा ‘टॉप प्रायोरिटी’
खाड़ी देशों में रहने वाले लगभग एक करोड़ भारतीयों का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि उनकी सुरक्षा और आजीविका सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि वे खाड़ी देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो दौर की वार्ता कर चुके हैं और सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।
📉 अर्थव्यवस्था और खेती पर असर
युद्ध के कारण उर्वरकों (Fertilizers) और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। प्रधानमंत्री ने राज्यों को जमाखोरी रोकने और गरीबों को महंगाई के असर से बचाने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि “सावधान, सतर्क और तैयार” रहना ही इस अप्रत्याशित चुनौती का एकमात्र समाधान है।
प्रमुख बिंदु जो आपको जानने चाहिए:
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कूटनीति: भारत लगातार ईरान, इजराइल और अमेरिका के संपर्क में है और ‘डायलॉग और डिप्लोमेसी’ की वकालत कर रहा है।
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शिपिंग: सरकार ने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ₹70,000 करोड़ के शिप निर्माण प्रोजेक्ट की भी जानकारी दी।
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संसद का संदेश: पीएम ने आग्रह किया कि भारतीय संसद को दुनिया को शांति का एक स्वर में संदेश देना चाहिए।
निष्कर्ष: भारत इस समय दोहरी चुनौती से निपट रहा है—एक तरफ वैश्विक कूटनीति में अपनी भूमिका बनाए रखना और दूसरी तरफ घरेलू ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना।
Matribhumisamachar


