मुजफ्फरनगर। बुधवार, 24 जून 2026
उत्तर प्रदेश के संवेदनशील जिलों में शुमार मुजफ्फरनगर में मंगलवार रात मोहर्रम के सातवें दिन का पारंपरिक जुलूस बेहद शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। इस दौरान जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। शहर के सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे। विशेष रूप से हिंदू आस्था के प्रमुख केंद्र ‘शिव चौक’ पर प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए पूरे क्षेत्र को लाल कपड़े से ढंकवाया और चारों तरफ मजबूत बैरिकेडिंग सुनिश्चित की।
मोती महल से खालापार तक सुरक्षा का कड़ा पहरा
मोहर्रम का यह प्रमुख जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग मोती महल से शुरू हुआ। इसके बाद यह जुलूस खालापार होते हुए अपने निर्धारित रूट से गुजरा। जुलूस में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और शांतिपूर्ण ढंग से मातम मनाते हुए आगे बढ़े।
पूरे मार्ग पर किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की पैनी नजर बनी रही। भारी पुलिस बल के साथ आला अधिकारी खुद जमीन पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे। संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त पीएसी (PAC) और स्थानीय पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी।
आस्था और कानून-व्यवस्था दोनों का रखा गया ध्यान
इस बार प्रशासन की रणनीति धार्मिक भावनाओं के सम्मान के साथ-साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने की थी। शिव चौक को लाल कपड़े से कवर करने का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित व्यवधान या गलतफहमी को टालना था। इसके साथ ही, जुलूस के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था (Traffic Management) को भी पूरी तरह नियंत्रित रखा गया, ताकि आम नागरिकों को आवागमन में किसी तरह की असुविधा न हो।
अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) सिद्धार्थ मिश्रा के अनुसार:
“मोहर्रम के सातवें दिन का यह जुलूस मुजफ्फरनगर शहर के सबसे प्रमुख और बड़े जुलूसों में से एक है। यह मोती महल से शुरू होकर खालापार के रास्ते वापस अपने गंतव्य तक पहुंचता है। सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं और आस्था का सम्मान करते हुए रूट पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।”
आगामी कार्यक्रमों के लिए प्रशासन अलर्ट
एएसपी सिद्धार्थ मिश्रा ने आगे बताया कि संवेदनशील स्थलों पर किए गए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों के कारण पूरा कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हो गया। जुलूस अपने निर्धारित समय और रूट के अनुसार आगे बढ़ गया। शांतिपूर्ण ढंग से इस आयोजन के निपटने के बाद, अब प्रशासन आगामी दिनों में होने वाले मोहर्रम के अन्य कार्यक्रमों और जुलूसों की तैयारियों व सुरक्षा खाके की समीक्षा में जुट गया है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, मुजफ्फरनगर प्रशासन की त्वरित सतर्कता, दोनों समुदायों के प्रबुद्ध जनों के आपसी सहयोग और भाईचारे के चलते ही यह आयोजन आपसी सौहार्द की मिसाल पेश कर सका।
Matribhumisamachar


