सोमवार, मार्च 02 2026 | 10:48:11 AM
Breaking News
Home / व्यापार / भारत में 1 अप्रैल 2026 से अनिवार्य होगा 95 RON वाला E20 पेट्रोल: जानिए आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर

भारत में 1 अप्रैल 2026 से अनिवार्य होगा 95 RON वाला E20 पेट्रोल: जानिए आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर

Follow us on:

गन्ना और मक्का से एथनॉल उत्पादन करते भारतीय किसान

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने देश की ऊर्जा नीति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। तेल मंत्रालय द्वारा 17 फरवरी को जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से पूरे भारत में केवल 95 RON (रिसर्च ऑक्टेन नंबर) वाला E20 पेट्रोल (20% एथनॉल मिश्रित) ही बेचा जाएगा।

यह आदेश सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समान रूप से लागू होगा, जिससे भारत अब उच्च-गुणवत्ता वाले स्वच्छ ईंधन के युग में प्रवेश कर जाएगा।

प्रमुख बिंदु: एक नज़र में

  • अनिवार्यता: सभी तेल कंपनियों को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानदंडों का पालन करना होगा।

  • अनुमानित कीमत: बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, E20 पेट्रोल की कीमत 97 रुपये से 106 रुपये प्रति लीटर के बीच रहने की संभावना है।

  • आयात पर लगाम: इस कदम से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी। अब तक सरकार इस मिश्रण के जरिए 1.40 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचा चुकी है।

RON 95 और एथनॉल: इंजन के लिए क्या बदलेगा?

RON यानी रिसर्च ऑक्टेन नंबर यह तय करता है कि ईंधन इंजन के भीतर कितनी स्थिरता से जलता है। एथनॉल का अपना ऑक्टेन मान लगभग 108 RON होता है, जिसे पेट्रोल में मिलाने पर ईंधन की गुणवत्ता बढ़ जाती है।

फायदा: इससे इंजन में ‘नॉकिंग’ (असामान्य आवाज़) कम होगी और इंजन की उम्र बढ़ेगी।

किसानों की चांदी और प्रदूषण पर लगाम

सरकार का तर्क है कि एथनॉल का उत्पादन गन्ना, मक्का और अन्य अनाजों से होता है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि यह ईंधन पेट्रोल के मुकाबले अधिक स्वच्छ तरीके से जलता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी।

पुरानी गाड़ियों के मालिकों के लिए चिंता?

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वर्ष 2023 से पहले बनी गाड़ियों पर इसका थोड़ा असर पड़ सकता है:

  1. माइलेज: पुरानी गाड़ियों में माइलेज 3% से 7% तक कम हो सकता है।

  2. कलपुर्जे: एथनॉल के कारण रबर या प्लास्टिक के कुछ हिस्सों में घिसावट देखी जा सकती है।

    हालांकि, 2023 के बाद बनी अधिकांश गाड़ियाँ पहले से ही E20 अनुकूल (Flex-fuel ready) हैं।

लक्ष्य से पहले उपलब्धि

भारत ने जून 2022 में ही 10% एथनॉल मिश्रण का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लिया था। इसी सफलता को देखते हुए, 20% मिश्रण का लक्ष्य 2030 से घटाकर 2025-26 कर दिया गया है।

matribhumisamachar.com

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

1 मार्च 2026 से बदल गई आपकी दुनिया: LPG, UPI और RailOne समेत लागू हुए ये 5 बड़े बदलाव

मुंबई. आज से मार्च के महीने का आगाज हो चुका है और इसी के साथ …