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ब्रिटेन में डिजिटल वीज़ा (e-Visa) अनिवार्य: भारतीय यात्रियों के लिए बदले नियम, अब पासपोर्ट जमा करने की ज़रूरत नहीं

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ब्रिटिश पासपोर्ट और डिजिटल वीज़ा स्वीकृति का प्रतीकात्मक चित्र।

लंदन. ब्रिटेन सरकार ने अपनी आव्रजन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। बुधवार से लागू हुई नई व्यवस्था के तहत अब भारतीय यात्रियों समेत दुनिया भर के आगंतुकों के लिए डिजिटल वीज़ा (e-Visa) अनिवार्य कर दिया गया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यात्रा प्रक्रिया को सुगम, सुरक्षित और कागज़ रहित बनाना है।

प्रमुख बदलाव और नई व्यवस्था

ब्रिटिश गृह मंत्रालय (Home Office) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब यात्रियों को अपने पासपोर्ट पर पारंपरिक पेपर स्टिकर (Visa Vignette) लगवाने की आवश्यकता नहीं होगी।

  • भारतीयों के लिए ई-वीज़ा: भारतीय नागरिकों को अब अपनी आव्रजन स्थिति साबित करने के लिए एक ऑनलाइन UKVI अकाउंट बनाना होगा, जहाँ उनका डिजिटल वीज़ा रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।

  • पासपोर्ट जमा करने से मुक्ति: नई प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आवेदकों को बायोमीट्रिक पंजीकरण के लिए आवेदन केंद्र (VAC) तो जाना होगा, लेकिन उन्हें अपना मूल पासपोर्ट जमा नहीं करना होगा। इससे वीज़ा प्रोसेसिंग के दौरान होने वाली असुविधा खत्म हो जाएगी।

  • ETA की अनिवार्यता: अमेरिका, कनाडा और फ्रांस जैसे वीज़ा-मुक्त देशों से आने वाले यात्रियों को अब ब्रिटेन में प्रवेश के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) प्राप्त करना होगा।

सुरक्षा और सुविधा पर जोर

ब्रिटेन के आव्रजन और नागरिकता मंत्री माइक टैप ने इस बदलाव की पुष्टि करते हुए कहा कि डिजिटल सिस्टम से यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा और सीमा सुरक्षा मज़बूत होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

“ई-वीज़ा न तो खो सकता है और न ही इसके साथ कोई छेड़छाड़ की जा सकती है। यह आव्रजन अधिकारों को सुरक्षित रूप से प्रमाणित करने का सबसे आधुनिक तरीका है।”

यात्रा से पहले सावधानी

सरकार ने चेतावनी दी है कि एयरलाइंस अब यात्रियों के डिजिटल दस्तावेजों की जांच करेंगी। यदि किसी यात्री के पास वैध ई-वीज़ा या ETA नहीं होगा, तो उन्हें विमान में सवार होने से रोका जा सकता है। जिन लोगों के पास फिलहाल फिजिकल दस्तावेज (BRP कार्ड या स्टिकर) हैं, उन्हें जल्द से जल्द अपने विवरण को डिजिटल अकाउंट से जोड़ने की सलाह दी गई है।

निष्कर्ष

ब्रिटेन का यह कदम वैश्विक स्तर पर सीमा नियंत्रण के आधुनिकीकरण का हिस्सा है। अब तक 1 करोड़ से अधिक ई-वीज़ा जारी किए जा चुके हैं, और आने वाले समय में फिजिकल दस्तावेजों को पूरी तरह चरणबद्ध तरीके से हटा दिया जाएगा।

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