नई दिल्ली | बुधवार, 25 मार्च 2026
केंद्र सरकार ने बुधवार शाम 5 बजे संसद परिसर में एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) बुलाई, जिसका मुख्य फोकस पश्चिम एशिया में गहराता युद्ध संकट और भारत पर इसके संभावित प्रभाव रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, गृह मंत्री अमित शाह और प्रमुख विपक्षी नेताओं ने शिरकत की।
बैठक की बड़ी बातें और विपक्षी तेवर
बैठक में सरकार की ओर से विपक्षी नेताओं को आश्वस्त किया गया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और अगले 4-5 दिनों में LPG से भरे चार जहाज भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने वाले हैं।
हालांकि, विपक्ष ने सरकार के रुख पर सवाल भी उठाए:
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TMC का बहिष्कार: तृणमूल कांग्रेस ने इस बैठक का पूरी तरह बहिष्कार किया। सांसद सौगत रॉय ने कहा कि “बीजेपी के साथ हमारा संघर्ष जारी है, ऐसे में संवाद का कोई औचित्य नहीं है।”
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राहुल गांधी की अनुपस्थिति: कांग्रेस नेता राहुल गांधी केरल में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण बैठक में शामिल नहीं हुए, हालांकि कांग्रेस की ओर से मुकुल वासनिक और तारिक अनवर मौजूद रहे।
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संसदीय चर्चा की मांग: मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी नेताओं ने मांग की कि केवल ‘ब्रीफिंग’ काफी नहीं है, इस मुद्दे पर संसद के भीतर विस्तृत बहस होनी चाहिए।
भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा सर्वोपरि
सरकार ने बैठक में जानकारी दी कि अब तक लगभग 3.75 लाख भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जिनमें ईरान से आए 1,000 भारतीय (ज्यादातर मेडिकल छात्र) शामिल हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले करीब 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार निरंतर संबंधित देशों के संपर्क में है।
निष्कर्ष और आगामी रणनीति
बैठक का समापन इस सहमति के साथ हुआ कि राष्ट्रीय हितों और वैश्विक संकट के समय एकजुटता जरूरी है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की स्थिति के अनुसार ‘शॉर्ट-टर्म’ और ‘लॉन्ग-टर्म’ रणनीतियों पर और अधिक विस्तार से काम किया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
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पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल-अमेरिका) तनाव पर केंद्र की बड़ी बैठक।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में विपक्षी दलों के साथ चर्चा।
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देश में LPG और ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 7 ‘एम्पावर्ड ग्रुप’ गठित।
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TMC ने बैठक का किया बहिष्कार; राहुल गांधी निजी व्यस्तता के चलते रहे अनुपस्थित।
PM मोदी का संसद में बयान: ‘आत्मनिर्भरता ही एकमात्र रास्ता’
बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के दोनों सदनों में देश को संबोधित किया। उन्होंने मौजूदा वैश्विक स्थिति को “अभूतपूर्व संकट” बताते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर लंबे समय तक रह सकता है।
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ऊर्जा सुरक्षा: PM ने स्पष्ट किया कि सरकार कच्चे तेल और गैस के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर काम कर रही है।
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होल्डिंग पर लगाम: उन्होंने राज्यों को निर्देश दिया कि वे ईंधन और उर्वरक की कालाबाजारी या जमाखोरी पर सख्त नजर रखें।
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विशेष कार्यबल: सरकार ने ईंधन, उर्वरक और सप्लाई चेन की निगरानी के लिए 7 अधिकार संपन्न समूहों (Empowered Groups) का गठन किया है।
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