नई दिल्ली. उत्तर भारत इस समय ‘हड्डियां गला देने वाली’ ठंड की चपेट में है। हिमालयी राज्यों में हो रही भारी बर्फबारी और वहां से आ रही पछुआ हवाओं ने कानपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। मौसम विभाग (IMD) ने पहाड़ों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिसका सीधा असर मैदानी इलाकों में गलन और ठिठुरन के रूप में दिख रहा है।
1. पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में ‘कोल्ड डे’ का सितम
कश्मीर के गुलमर्ग, हिमाचल के मनाली और उत्तराखंड के औली में पिछले 48 घंटों से जारी बर्फबारी ने दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
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तापमान का गिरना: कानपुर में न्यूनतम तापमान 5°C से 7°C के बीच बना हुआ है, जबकि रात का पारा इससे भी नीचे जाने की संभावना है।
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शून्य दृश्यता (Zero Visibility): घने कोहरे के कारण कानपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे और यमुना एक्सप्रेस-वे पर यातायात रेंग रहा है। ट्रेनों और उड़ानों पर इसका व्यापक असर पड़ा है।
2. आम जनजीवन पर प्रभाव: घरों में कैद हुए लोग
बर्फीली हवाओं के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है:
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दैनिक मजदूर: खुले में काम करने वाले मजदूरों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए यह मौसम आजीविका का संकट बन गया है।
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स्वास्थ्य पर असर: अस्पतालों में हृदय रोग (Heart Attack) और सांस की बीमारियों (Asthma) के मरीजों की संख्या में 30-40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बच्चों को सुबह की सैर से बचने की सलाह दी है।
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अलाव का सहारा: शहर के प्रमुख चौराहों पर नगर निगम द्वारा जलाए गए अलाव ही अब राहगीरों का एकमात्र सहारा हैं।
3. खेती और फसलों पर ‘पाले’ (Frost) की मार
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह ठंड गेहूं की फसल के लिए तो संजीवनी है, लेकिन अन्य फसलों के लिए काल बन सकती है:
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सब्जियों को नुकसान: पाला गिरने से आलू, टमाटर और मटर की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। पाले के कारण पौधों की कोशिकाएं फट जाती हैं, जिससे फसल सूख जाती है।
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सरसों और दलहन: सरसों की फूल आती फसलों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
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किसानों को सलाह: चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय (CSA) के वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों में हल्की सिंचाई करें और खेतों के किनारों पर धुआं करें ताकि तापमान स्थिर रहे।
4. आगामी 48 घंटे: बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है।
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चेतावनी: 27 और 28 जनवरी को कानपुर सहित उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। इससे गलन और अधिक बढ़ने के आसार हैं।
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