गोरखपुर | शुक्रवार, 27 मार्च 2026
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शुक्रवार को प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। शाहपुर थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी के समीप, गोड़धोइया पुल पर स्थित हजरत बाबा जाफर अली शाह ‘मासूम’ की मजार को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ गोड़धोइया नाला चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण परियोजना के तहत की गई है।
भारी पुलिस बल के बीच हुई कार्रवाई
शुक्रवार सुबह से ही शाहपुर इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। किसी भी संभावित विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पीएसी (PAC) और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जैसे ही बुलडोजर ने मजार की संरचना को गिराना शुरू किया, वहां स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। दशकों पुरानी आस्था का केंद्र होने के कारण कई स्थानीय लोग और महिलाएं इस दृश्य को देख भावुक नजर आए, हालांकि प्रशासन की सख्ती के कारण कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ।
क्यों जरूरी था यह एक्शन?
प्रशासन के अनुसार, यह मजार लोक निर्माण विभाग (PWD) की सरकारी जमीन पर स्थित थी। शहर में जलभराव की गंभीर समस्या से निपटने के लिए गोड़धोइया नाले का कायाकल्प किया जा रहा है।
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परियोजना का उद्देश्य: ₹495 करोड़ की इस योजना का लक्ष्य शहर के उत्तरी भाग के करीब डेढ़ दर्जन वार्डों को बाढ़ और जलभराव से मुक्ति दिलाना है।
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बाधा: मजार की स्थिति नाले के नए नक्शे और सड़क चौड़ीकरण के बीच में आ रही थी।
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प्रगति: रिपोर्ट के अनुसार, गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट का काम लगभग 82% पूरा हो चुका है और जून 2026 के मानसून से पहले इसे चालू करने का लक्ष्य है।
प्रशासन का कड़ा रुख
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर कोई भी अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। PWD और नगर निगम की टीमें अब मलबे को हटाने और जमीन के समतलीकरण में जुट गई हैं ताकि नाले के पक्के निर्माण और सड़क विस्तार का काम बिना किसी रुकावट के पूरा किया जा सके।
“शहर के विकास और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता है। इस परियोजना के पूरा होने से हजारों लोगों को हर साल होने वाले जलभराव से राहत मिलेगी।” – जिला प्रशासन
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