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गोरखपुर धर्मांतरण कांड: आरोपियों को मिली जमानत, मास्टरमाइंड ‘विल्सन’ की तलाश में बिहार पहुंची पुलिस

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गोरखपुर पुलिस द्वारा धर्मांतरण मामले में बरामद की गई सामग्री और आरोपियों की फाइल फोटो।

गोरखपुर | 24 मार्च, 2026 ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गुलरिहा थाना क्षेत्र में कथित तौर पर प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने के मामले में एक नया मोड़ आया है। रविवार को गिरफ्तार किए गए मां-बेटे सहित चारों आरोपियों को स्थानीय अदालत ने पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। हालांकि, पुलिस इस मामले को एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा मान रही है और मुख्य आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना रविवार को तब प्रकाश में आई जब गोरखनाथ क्षेत्र के सूरजकुंड निवासी शीतल मिश्रा की शिकायत पर पुलिस ने गुलरिहा के एक मकान में छापेमारी की। पुलिस ने मौके से रीता देवी, उनके बेटे अमित सिंह, कन्हैया यादव और विक्की कुमार को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि ये लोग ग्रामीणों को बीमारी ठीक करने और कर्ज माफी का झांसा देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे।

नेटवर्क का मास्टरमाइंड: कौन है ‘विल्सन’?

पूछताछ में पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं:

  • बिहार कनेक्शन: जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन बिहार निवासी विल्सन कर रहा है।

  • डिजिटल जाल: विल्सन व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर और बीमार लोगों को टारगेट करता था।

  • कर्ज माफी का दांव: आरोपी रीता देवी ने स्वयं सहायता समूह से 50 हजार रुपये का कर्ज लिया था। आरोप है कि विल्सन के निर्देश पर विक्की ने उसका कर्ज माफ कराया, जिसके बाद वह इस काम में शामिल हो गई।

कानूनी पेंच: क्यों मिली जमानत?

पुलिस ने आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा (Judicial Custody) में भेजने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने बरामद धार्मिक पुस्तकों और लॉकेट को धर्मांतरण के लिए “पर्याप्त दबाव या साक्ष्य” नहीं माना।

विशेष नोट: उत्तर प्रदेश में विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) अधिनियम, 2024 के तहत अब नियम बेहद कड़े हो गए हैं। नए कानून में सामूहिक धर्मांतरण या विदेशी फंडिंग के मामलों में 7 से 14 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। पुलिस अब विल्सन की गिरफ्तारी के बाद विदेशी फंडिंग के कोण से भी जांच करने की तैयारी में है।

पुलिस की अगली रणनीति

एसपी सिटी निमिष पाटील के अनुसार, पुलिस की टीमें बिहार और आसपास के जिलों में दबिश दे रही हैं। पुलिस का मुख्य उद्देश्य विल्सन को गिरफ्तार करना और यह पता लगाना है कि इस नेटवर्क को आर्थिक रसद (फंडिंग) कहाँ से मिल रही थी।

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