कानपुर | 27 मार्च, 2026
उत्तर प्रदेश की प्रमुख व्यापारिक नगरी कानपुर की मंडियों में आज अनाज और दलहन के भावों में स्थिरता का रुख देखा गया। चकरपुर और आसपास की गल्ला मंडियों में नई फसल की आवक शुरू होने के साथ ही व्यापारियों और उपभोक्ताओं की नजरें अब भविष्य की कीमतों पर टिकी हैं। कृषि मंत्रालय के ताजा अनुमानों के अनुसार, इस साल देश में गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार (लगभग 120.21 मिलियन टन) होने की उम्मीद है, जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में कानपुर के स्थानीय बाजार पर भी पड़ सकता है।
गेहूं के बाजार में हलचल: नई फसल का दबाव
शुक्रवार को चकरपुर मंडी में गेहूं की आवक में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की गई। वर्तमान में गेहूं का थोक भाव ₹2,600 से ₹2,850 प्रति क्विंटल के बीच बना हुआ है।
-
गेहूं दड़ा: ₹2,600 – ₹2,625 प्रति क्विंटल
-
गेहूं फार्म (RR-21): ₹2,800 – ₹2,850 प्रति क्विंटल
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे कटाई में तेजी आएगी और मंडियों में गेहूं की खेप बढ़ेगी, कीमतों में ₹100 से ₹150 तक की गिरावट देखी जा सकती है। सरकार की ‘ओपन मार्केट सेल स्कीम’ (OMSS) भी कीमतों को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभा रही है।
दलहन बाजार: अरहर और उड़द के भाव में उतार-चढ़ाव
दालों के बाजार में आज मिला-जुला रुख रहा। जहां अरहर और मूंग की कीमतों में मजबूती बनी हुई है, वहीं चना और मसूर के भाव स्थिर हैं।
| दाल/दलहन | थोक भाव (₹ प्रति क्विंटल) |
| चना (देसी) | ₹5,400 – ₹5,500 |
| अरहर (तूर) | ₹6,500 – ₹7,500 |
| मूंग दाल | ₹8,000 – ₹9,500 |
| मसूर दाल | ₹6,850 – ₹6,900 |
| उड़द दाल (क्वालिटी अनुसार) | ₹7,300 – ₹13,700 |
विशेषज्ञों के अनुसार, 2026 में दालों की वैश्विक मांग बढ़ने और घरेलू स्टॉक की स्थिति को देखते हुए दलहन बाजार में लंबी अवधि में तेजी का रुझान बना रह सकता है।
मोटा अनाज और चावल की स्थिति
मोटे अनाजों (Millets) की मांग स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण स्थिर बनी हुई है।
-
जौ: ₹2,250 – ₹2,350 प्रति क्विंटल
-
मकई: ₹1,900 – ₹2,200 प्रति क्विंटल
-
बाजरा: ₹1,900 – ₹2,100 प्रति क्विंटल
-
चावल (अरवा): ₹2,800 – ₹4,000 प्रति क्विंटल (किस्म के आधार पर)
आम आदमी की जेब पर असर
मंडी व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि ये सभी थोक भाव (Wholesale Rates) हैं। यदि आप खुदरा बाजार (Retail Market) से खरीदारी करते हैं, तो पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और रिटेल मार्जिन के कारण कीमतें 10% से 20% तक अधिक हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, मंडी में ₹26 किलो बिकने वाला गेहूं आटा मिलों और खुदरा दुकानों तक पहुंचते-पहुंचते ₹32-₹35 प्रति किलो तक पहुंच सकता है।
व्यापारियों की राय: “फिलहाल बाजार में सप्लाई और डिमांड का संतुलन है, लेकिन अप्रैल के पहले पखवाड़े में गेहूं की भारी आवक कीमतों को नीचे खींच सकती है। स्टॉकहोल्डर्स अभी बाजार की दिशा देख रहे हैं।”
Matribhumisamachar


