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अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक 11 जुलाई को: चंपत राय के इस्तीफे के बाद नए महासचिव और CEO की नियुक्ति पर होगा बड़ा फैसला

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अयोध्या । शनिवार, 27 जून, 2026

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बैठक आगामी 11 जुलाई 2026, शनिवार को आयोजित होने जा रही है। हाल ही में राम मंदिर के चढ़ावे और दान प्रबंधन को लेकर सामने आए गंभीर विवादों, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच और बड़े घटनाक्रमों के बाद इस बैठक को बेहद संवेदनशील और निर्णायक माना जा रहा है।

इस बैठक का मुख्य एजेंडा ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे को पूरी तरह पारदर्शी, पेशेवर और आधुनिक बनाना है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वर्तमान शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट इस बैठक में नए नेतृत्व और नए प्रशासनिक मॉडल पर मुहर लगा सकता है।

1. चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा: नैतिक आधार पर बड़ा कदम

अयोध्या राम मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट के भीतर हड़कंप मच गया था। इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित 3 सदस्यीय SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट और एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बाद एक बड़ा नैतिक कदम उठाया गया है।

  • इस्तीफे की पुष्टि: ट्रस्ट के वर्तमान महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 26 जून 2026 को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इन इस्तीफों पर अंतिम निर्णय 11 जुलाई की बैठक में लिया जाएगा।

  • निष्पक्ष जांच की प्रतिबद्धता: ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि वे राम भक्तों की आस्था को ठेस नहीं पहुंचने देंगे और पूरी जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी। 11 जुलाई को इन इस्तीफों को स्वीकार कर नए महासचिव के चयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

2. तिरुपति बालाजी की तर्ज पर नियुक्त होगा नया CEO (मुख्य कार्यकारी अधिकारी)

राम मंदिर के संचालन, अरबों रुपये के वित्तीय प्रबंधन और विशाल प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और आधुनिक कॉर्पोरेट गवर्नेंस मॉडल देने के लिए ट्रस्ट एक अभूतपूर्व बदलाव की तैयारी में है।

  • प्रशासनिक ढांचा: आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर (TTD) प्रबंधन की तर्ज पर अब अयोध्या राम मंदिर में भी एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

  • नृपेंद्र मिश्र का नाम रेस में सबसे आगे: प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस महत्वपूर्ण पद के लिए देश के पूर्व वरिष्ठ नौकरशाह और राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के नाम पर चर्चा चल रही है। उनकी प्रशासनिक विशेषज्ञता मंदिर के वित्तीय और दैनिक संचालन को पूरी तरह पारदर्शी बनाने में मदद करेगी।

3. चढ़ावा चोरी विवाद: 8 आरोपी न्यायिक हिरासत में

जून 2026 के शुरुआती सप्ताह में विपक्ष द्वारा मंदिर के दान पात्रों से करोड़ों रुपये गायब होने के आरोप लगाए जाने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने 13 जून 2026 को एक उच्च स्तरीय SIT का गठन किया था।

SIT की जांच में यह सामने आया कि दान की गिनती के दौरान कुछ खामियां थीं और कुछ सीसीटीवी कैमरे भी ठीक से काम नहीं कर रहे थे। इस जांच के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दान राशि की गिनती और प्रबंधन से जुड़े 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और उनके पास से लगभग 79.85 लाख रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि भक्तों द्वारा दी गई चांदी की ईंटें, आभूषण और अन्य बहुमूल्य सामग्रियां पूरी तरह सुरक्षित और रिकॉर्ड में हैं।

11 जुलाई 2026 की बैठक में होने वाले 4 प्रमुख फैसले:

  1. नए महासचिव का चयन: चंपत राय की जगह ट्रस्ट का नया चेहरा कौन होगा, इस पर अंतिम मुहर लगेगी।

  2. इस्तीफों पर आधिकारिक निर्णय: चंपत राय और अनिल मिश्रा के त्यागपत्रों को औपचारिक रूप से स्वीकार किया जाएगा।

  3. CEO पद की मंजूरी: मंदिर के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों के लिए CEO की नियुक्ति के प्रस्ताव को पास किया जाएगा।

  4. डिजिटल और पारदर्शी वित्तीय प्रणाली: भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए ऑडिटिंग, लाइव सीसीटीवी मॉनिटरिंग और नए सख्त नियम लागू किए जाएंगे।

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