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‘द बंगाल फाइल्स’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर इस शनिवार, 29 अगस्त को ज़ी सिनेमा पर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई, अगस्त 2026: ज़ी सिनेमा लेकर आ रहा है ‘द बंगाल फाइल्स’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर, इस शनिवार, 29 अगस्त, रात 9:30 बजे। द ताशकंद फाइल्स और द कश्मीर फाइल्स जैसी चर्चित फिल्मों के निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री की यह फिल्म भारत के स्वतंत्रता-पूर्व इतिहास के सबसे उथल-पुथल भरे और पीड़ादायक अध्यायों में से एक को उजागर करती है।

विभाजन से पहले के बंगाल की पृष्ठभूमि पर आधारित ‘द बंगाल फाइल्स’ 16 अगस्त, 1946 को हुए डायरेक्ट एक्शन डे की घटनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसने बंगाल के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर अशांति और अराजकता को जन्म दिया था। इन घटनाओं ने क्षेत्र पर गहरा और स्थायी प्रभाव छोड़ा तथा भारत के इतिहास की दिशा को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हुए स्वतंत्रता के बाद देश की यात्रा को आकार दिया। व्यापक उथल-पुथल के बीच साहस, त्याग और जिजीविषा की कहानियों के माध्यम से यह फिल्म इतिहास के उस अध्याय को सामने लाती है, जिसकी गूँज आज भी पीढ़ियों तक महसूस की जाती है।

फिल्म में अनुपम खेर, पल्लवी जोशी, दर्शन कुमार और मिथुन चक्रवर्ती जैसे अनुभवी कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में हैं। अपने संयमित और प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से इन कलाकारों ने फिल्म की भावनात्मक गहराई और विषय की गंभीरता को संवेदनशीलता के साथ पर्दे पर प्रस्तुत किया है।

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द बंगाल फाइल्स के ज़रिए विवेक अग्निहोत्री इतिहास की उन जटिल घटनाओं और उनके पीढ़ियों तक पड़ने वाले प्रभाव को समझने की कोशिश करते हैं। टेलीविज़न पर यह फिल्म दर्शकों को भारत के इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय से रूबरू होने का मौका देती है और उन्हें सोचने, याद करने और अपने परिवार के साथ सार्थक बातचीत करने के लिए प्रेरित करती है।

देखना न भूलें ‘द बंगाल फाइल्स’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर, इस शनिवार, 29 अगस्त, रात 9:30 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर।

 

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।