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जापान में भूकंप: पूर्वोत्तर जापान में फिर डोली धरती, 6.1 तीव्रता के झटके के बाद मौसम विभाग ने जारी की बड़ी चेतावनी

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टोक्यो । रविवार, 28 जून 2026

जापान में भूकंप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्वोत्तर जापान (Tohoku Region) में रविवार की सुबह-सुबह एक बार फिर धरती कांप उठी। स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 5:21 बजे इस इलाके में 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। लगातार आ रहे इन झटकों की वजह से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस भूकंप के बाद प्रशासन द्वारा सुनामी (Tsunami) की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है और न ही किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर मिली है।

लेकिन जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने अगले एक सप्ताह तक और भी खतरनाक आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) आने की आशंका जताते हुए निवासियों को बेहद सतर्क रहने की हिदायत दी है।

समुद्र में 40 किलोमीटर की गहराई पर था केंद्र

जापान मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र इवाते प्रांत (Iwate Prefecture) के तटीय हिस्से के पास प्रशांत महासागर में जमीन से करीब 40 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।

जापान के पारंपरिक 7-पॉइंट भूकंपीय तीव्रता पैमाने (Shindo Scale) पर इस भूकंप की अधिकतम तीव्रता ‘लोअर 5’ (Lower 5) मापी गई। इसका सबसे तेज असर आओमोरी प्रांत के हाचिनोहे शहर (Hachinohe City) और इवाते के फुदाई गांव में महसूस किया गया। इसके अलावा, भूकंप के झटके होक्काइदो से लेकर कांतो-कोशिन क्षेत्र तक महसूस किए गए।

25 जून को आए 7.2 तीव्रता के भूकंप से है सीधा कनेक्शन

दरअसल, पूर्वोत्तर जापान का यह इलाका पिछले कुछ दिनों से लगातार सुलग रहा है। रविवार को आया यह 6.1 तीव्रता का झटका उसी क्षेत्र में आया है, जहां ठीक तीन दिन पहले यानी 25 जून 2026 (गुरुवार) को 7.2 तीव्रता का एक बेहद शक्तिशाली भूकंप आया था। उस भूकंप के दौरान आओमोरी के हाशीकामी में तीव्रता ‘अपर 6’ दर्ज की गई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे और बुलेट ट्रेनों की आवाजाही भी रोकनी पड़ी थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि रविवार का यह भूकंप उसी मुख्य झटके का एक ‘आफ्टरशॉक’ है।

चट्टानें गिरने और भूस्खलन (Landslides) का बढ़ा खतरा

मौसम विज्ञान एजेंसी ने चेतावनी दी है कि हाल ही में हुई भारी बारिश और लगातार आ रहे भूकंप के झटकों के कारण प्रभावित इलाकों की मिट्टी बेहद ढीली हो चुकी है। ऐसे में पहाड़ी रास्तों पर चट्टानें गिरने (Rockfalls) और खतरनाक भूस्खलन (Landslides) की घटनाएं हो सकती हैं।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ढलान वाले इलाकों, पुरानी इमारतों और पहाड़ों के पास जाने से बचें। साथ ही हाल ही में सेंट्रल जापान के यामानाशी (Yamanashi) प्रांत में भी 5.6 तीव्रता का भूकंप आया था, जो यह दिखाता है कि इस समय जापान की टेक्टोनिक प्लेट्स में काफी हलचल चल रही है।

परमाणु केंद्रों (Nuclear Plants) की क्या है स्थिति?

जापान में जब भी बड़ा भूकंप आता है, तो सबसे बड़ी चिंता वहां के परमाणु संयंत्रों को लेकर होती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आओमोरी प्रांत में स्थित हिगाशीदोरी न्यूक्लियर पावर प्लांट (Higashidori Nuclear Plant) और रोक्काशो न्यूक्लियर फ्यूल रीप्रोसेसिंग प्लांट में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी या रेडियोधर्मिता का रिसाव नहीं पाया गया है। सभी संयंत्र पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

देश की प्रधानमंत्री साने ताकाइची (Sanae Takaichi) ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लोगों से शांति बनाए रखने और पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है।

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