शुक्रवार, अगस्त 28 2026 | 04:04:09 PM
Breaking News
Home / व्यापार / वैश्विक सप्लाई चेन में भारत का बज रहा डंका: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी निवेशकों को दिया ‘Make for the World’ का न्योता

वैश्विक सप्लाई चेन में भारत का बज रहा डंका: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी निवेशकों को दिया ‘Make for the World’ का न्योता

Follow us on:

मुंबई | शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
वैश्विक अर्थव्यवस्था में चल रही उथल-पुथल के बीच भारत तेजी से एक स्थिर, भरोसेमंद और मजबूत आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतर्राष्ट्रीय कारोबारी समुदाय को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया है कि भारत अब केवल एक विशाल घरेलू बाजार नहीं है, बल्कि दुनिया के लिए उत्पादन, नवाचार (Innovation), सेवाओं और निर्यात का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है।
वित्त मंत्री ने दुनिया भर के निवेशकों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भारत में दीर्घकालिक (Long-term) निवेश और रणनीतिक साझेदारी के लिए आमंत्रित किया है।

घरेलू बाजार से आगे: ‘Make in India for the World’

निर्मला सीतारमण के अनुसार, भारत में निवेश करने वाली विदेशी कंपनियों के पास एक दोहरा लाभ (Dual Advantage) है। वे भारत की 1.4 अरब से अधिक की विशाल आबादी वाले घरेलू बाजार का लाभ तो उठा ही सकती हैं, साथ ही यहाँ से निर्मित उत्पादों और सेवाओं को पूरी दुनिया में निर्यात (Export) भी कर सकती हैं।
यह दृष्टिकोण भारत को वैश्विक सप्लाई चेन (Global Supply Chains) के एक केंद्रीय स्तंभ के रूप में स्थापित कर रहा है। ‘चीन प्लस वन’ (China Plus One) रणनीति अपनाने वाली वैश्विक कंपनियों के लिए भारत एक सबसे आकर्षक और भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरा है।

5 प्रमुख स्तंभ जो भारत को बना रहे हैं ग्लोबल हब

  1. उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग में उछाल: पीएलआई (PLI) योजनाओं के जरिए इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुका है।
  2. इनोवेशन और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सेक्टर्स: एआई (AI), डीप-टेक और रिन्यूएबल एनर्जी में भारत की तकनीकी क्षमताएं विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं।
  3. निर्यात-उन्मुख नीतियां: भारत सरकार का ध्यान केवल आयात कम करने पर नहीं, बल्कि वैश्विक एक्सपोर्ट हब विकसित करने पर है, जिससे भारत का व्यापार घाटा कम हो रहा है।
  4. दीर्घकालिक निवेश का माहौल: ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) और श्रम सुधारों के माध्यम से एक पारदर्शी और स्थिर नीतिगत ढांचा तैयार किया गया है।
  5. मजबूत आर्थिक संबंध: भारत दुनिया के प्रमुख विकसित और विकासशील देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौतों (FTAs) को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी कंपनियों को क्या संदेश दिया है?

वित्त मंत्री ने विदेशी कंपनियों को भारत में दीर्घकालिक निवेश और साझेदारी का निमंत्रण दिया है, ताकि वे भारत को उत्पादन और सेवाओं का आधार बनाकर वैश्विक बाजारों में निर्यात कर सकें।

2. भारत के वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत होने का मुख्य कारण क्या है?

भारत की मजबूत पीएलआई (PLI) योजनाएं, स्थिर नीतियां, कुशल कार्यबल और ‘चीन प्लस वन’ रणनीति के तहत दुनिया भर की कंपनियों का भारत पर बढ़ता भरोसा मुख्य कारण है।

3. ‘Make in India for the World’ का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है कि भारत में बनी वस्तुएं और दी जाने वाली सेवाएं न केवल देश की घरेलू जरूरतों को पूरा करेंगी, बल्कि विश्व स्तर पर निर्यात भी की जाएंगी।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केंद्रीय वित्त मंत्री के सार्वजनिक वक्तव्य और भारत के व्यापारिक व आर्थिक विकास के रुझानों के विश्लेषण पर आधारित है। किसी भी वित्तीय या कारोबारी निर्णय से पहले आधिकारिक सरकारी अधिसूचनाओं व विशेषज्ञ सलाह का अवलोकन करें।
मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

GIVA रक्षाबंधन विज्ञापन में अभिनेत्री कृति सेनन के विवादित लुक और ब्रांड द्वारा विज्ञापन वापस लेने की खबर।

GIVA रक्षाबंधन विज्ञापन विवाद: कृति सेनन के पहनावे पर छिड़ी बहस के बाद ब्रांड ने वापस लिया एड

मुंबई । बुधवार, 26 अगस्त 2026 प्रसिद्ध ज्वेलरी ब्रांड GIVA का रक्षाबंधन अभियान विवादों के …