कानपुर। शुक्रवार, 29 मई 2026
उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कानपुर के ऐतिहासिक सर्राफा बाजार (बिरहाना रोड और नयागंज) में सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती का रुख लगातार बना हुआ है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और घरेलू बाजार में शादियों के सीजन की मजबूत मांग के कारण कीमती धातुओं के दाम रिकॉर्ड स्तर पर बने हुए हैं।
ताजा कारोबारी सत्र के दौरान कानपुर सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,58,430 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट (ज्वेलरी गोल्ड) का भाव ₹1,45,240 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं, चांदी की कीमत घरेलू बाजार में ₹2,75,000 से ₹2,84,900 प्रति किलोग्राम के बीच बनी हुई है।
कानपुर में सोने-चांदी के ताजा भाव (Gold-Silver Live Rates)
स्थानीय सर्राफा कमेटी और व्यापारियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बाजार में सोने और चांदी के भाव निम्नलिखित स्तर पर बने हुए हैं:
| धातु और शुद्धता | वजन (मात्रा) | आज का ताजा भाव (₹) | मुख्य उपयोग |
| 24 कैरेट सोना | 10 ग्राम | ₹1,58,430 | सोने के बिस्कुट, सिक्के और शुद्ध निवेश |
| 22 कैरेट सोना | 10 ग्राम | ₹1,45,240 | आभूषण निर्माण (ज्वेलरी) के लिए सबसे उपयुक्त |
| चांदी (Silver) | 10 ग्राम | ₹2,750 से ₹2,850 | छोटे सिक्के, बर्तन और धार्मिक सामग्री |
| चांदी (Silver) | 1 किलोग्राम | ₹2,75,000 से ₹2,84,900 | औद्योगिक मांग और सिल्लियां (ईंटें) |
⚠️ जरूरी सुधार और सावधानी: ‘रेट के गणित’ को समझें
बाजार विशेषज्ञों और अनुभवी ज्वैलर्स के अनुसार, अक्सर आम खरीदार अखबारों या स्क्रीन पर दिखने वाले भावों को ही अंतिम कीमत मान लेते हैं, जो कि एक बड़ी चूक है। खरीदारी पर निकलने से पहले इन महत्वपूर्ण बातों (संशोधनों) को जरूर नोट कर लें:
1. टैक्स और मेकिंग चार्ज का अतिरिक्त भार
स्क्रीन पर दिखने वाले भाव केवल ‘बेस प्राइस’ (मूल्य) होते हैं। जब आप दुकान से आभूषण खरीदते हैं, तो अंतिम बिल इस प्रकार तैयार होता है:
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मेकिंग चार्ज (घड़ाई शुल्क): आभूषण की बनावट और डिजाइन की जटिलता के आधार पर ज्वैलर्स 5% से 25% तक मेकिंग चार्ज लेते हैं।
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जीएसटी (GST): सोने के मूल्य और मेकिंग चार्ज को जोड़ने के बाद आने वाली कुल राशि पर 3% वस्तु एवं सेवा कर (GST) अतिरिक्त देय होता है।
2. शुद्धता की पहचान (HUID हॉलमार्किंग)
बाजार में धोखाधड़ी से बचने के लिए सरकार ने हॉलमार्किंग को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है। आभूषण खरीदते समय हमेशा 6-अंकों वाले alphanumeric HUID (Hallmark Unique Identification) कोड की जांच अवश्य करें। आप ‘BIS Care App’ के जरिए इस कोड को डालकर सोने की शुद्धता और ज्वैलर के पंजीकरण की सत्यता स्वयं जांच सकते हैं।
3. बायबैक पॉलिसी की स्पष्टता
सोना केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि विपत्ति का साथी भी है। इसलिए खरीदारी के वक्त ही दुकानदार से लिखित में पूछें कि भविष्य में इसी सोने को वापस करने या बदलने (Exchange) पर वे वजन या कीमत में कितनी कटौती करेंगे।
क्यों आ रही है कीमतों में इतनी तेजी?
सराफा बाजार के जानकारों का कहना है कि साल 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में आया यह ऐतिहासिक उछाल केवल स्थानीय मांग की वजह से नहीं है। इसके पीछे कई वैश्विक कारण काम कर रहे हैं:
सुरक्षित निवेश (Safe Haven): वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई (Inflation) के कारण बड़े निवेशक शेयर बाजार के बजाय सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
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केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: भारत के रिजर्व बैंक (RBI) समेत दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
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मुद्रा का उतार-चढ़ाव: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स और भारतीय रुपये के बीच का उतार-चढ़ाव भी घरेलू कीमतों को सीधे प्रभावित करता है।
अंतिम सलाह: चूंकि कमोडिटी मार्केट और स्थानीय सर्राफा बाजार में कीमतें दिनभर में कई बार बदलती हैं, इसलिए खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे दुकान पर जाने से ठीक पहले ताजा लाइव रेट की पुष्टि जरूर कर लें।
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