शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 08:32:04 AM

UP PCS-J Rule Change 2026: उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा (सातवां संशोधन) नियमावली लागू, अब 3 साल का कोर्ट अनुभव अनिवार्य

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
6 Min Read

लखनऊ.

उत्तर प्रदेश में न्यायिक प्रणाली को अधिक पारदर्शी, कुशल और जमीनी अनुभवों से समृद्ध बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय (High Court of Judicature at Allahabad) की सिफारिशों पर अमल करते हुए सरकार ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा (सातवां संशोधन) नियमावली, 2026 को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है।
इस संशोधन का सीधा और व्यापक असर प्रांतीय सिविल सेवा – न्यायिक (PCS-J) परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों पर पड़ेगा। अब केवल किताबी ज्ञान के बल पर जज बनना संभव नहीं होगा; अभ्यर्थियों को कोर्ट रूम का व्यावहारिक ज्ञान और कानूनी दांव-पेचों की समझ साबित करनी होगी।

नियम 11 में बड़ा बदलाव: 3 साल का कानूनी अभ्यास अनिवार्य

संशोधित नियम 11 के तहत न्यायिक सेवा में प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता के मापदंडों को कड़ा कर दिया गया है।
  1. 3 वर्ष की निरंतर वकालत: अब PCS-J परीक्षा का फॉर्म भरने के लिए अभ्यर्थी के पास भर्ती का विज्ञापन (Notification) जारी होने की तिथि तक कम से कम 3 साल का निरंतर लीगल प्रैक्टिस (Legal Practice) का अनुभव होना आवश्यक है।
  2. अनुभव की गणना कैसे होगी? वकालत के 3 वर्षों की गणना अभ्यर्थी द्वारा राज्य बार काउंसिल (State Bar Council) में कराए गए ‘अनंतिम पंजीकरण’ (Provisional Enrolment) की तिथि से मानी जाएगी।
  3. सक्रिय प्रैक्टिस का प्रमाण पत्र: उम्मीदवारों को केवल डिग्री दिखाने से छूट नहीं मिलेगी। उन्हें बार द्वारा जारी Certificate of Practice (COP) प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा, प्रामाणिकता की जांच के लिए कोर्ट में उपस्थिति विवरण (Court Appearance) और केस डायरी जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
मुख्य उद्देश्य: इस बदलाव का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पीठ (Bench) पर बैठने वाले नए न्यायाधीश वकालत की व्यावहारिक कठिनाइयों और न्यायिक प्रक्रियाओं से भली-भांति परिचित हों।

सीधी पोस्टिंग से पहले 1 वर्ष की गहन ज्यूडिशियल ट्रेनिंग

चयन प्रक्रिया उत्तीर्ण करने के बाद भी अधिकारियों को सीधे कोर्ट में पदस्थापित नहीं किया जाएगा।
  • JTRI लखनऊ में प्रशिक्षण: सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को Judicial Training and Research Institute (JTRI), लखनऊ में 1 वर्ष का अनिवार्य आवासीय प्रशिक्षण पूरा करना होगा।
  • प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु: इस एक साल के दौरान अधिकारियों को व्यावहारिक प्रक्रिया कानून, निर्णय लेखन (Judgment Writing), डिजिटल कोर्ट प्रबंधन, और न्यायिक आचरण व प्रशासनिक नियमों का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पदोन्नति (Promotion) के नियमों में भी संशोधन

नियमावली 2026 के अंतर्गत सिविल जज (जूनियर डिवीजन) से सीनियर डिवीजन में पदोन्नति के नियमों को अधिक कड़ा और योग्यता-आधारित बनाया गया है:
  • 5 वर्ष की सेवा अनिवार्य: पदोन्नति के लिए अब कम से कम 5 वर्ष की संतोषजनक और बेदाग सेवा अवधि होना आवश्यक है।
  • विभागीय परीक्षा का कोटा: कुल पदों में से 10% पद सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (Limited Departmental Competitive Examination) के माध्यम से भरे जाएंगे, जिससे दक्ष और मेहनती अधिकारियों को त्वरित पदोन्नति मिल सके।

UP PCS-J 2026: संभावित रिक्तियां, आयु सीमा और अधिसूचना

विवरण अद्यतन जानकारी (2026)
संभावित पद 218 से 400 पद
अधिसूचना जारी होने की संभावना 2026 की पहली छमाही (फरवरी से मई के बीच)
न्यूनतम आयु सीमा 22 वर्ष
अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष (आरक्षित वर्गों को राज्य नियमानुसार छूट)
आयोजक संस्था उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC)

अभ्यर्थियों के लिए क्या बदला? (प्रमुख निष्कर्ष)

  • फ्रेश लॉ ग्रेजुएट्स के लिए चुनौती: एलएलबी की पढ़ाई पूरी करते ही सीधे परीक्षा में बैठने की राह अब बंद हो गई है।
  • प्रैक्टिस कर रहे वकीलों को बढ़त: जो अधिवक्ता नियमित रूप से कचहरी में वकालत कर रहे हैं, उन्हें प्रक्रियात्मक विषयों और साक्षात्कार में सीधा लाभ मिलेगा।
  • न्यायिक गुणवत्ता में सुधार: अदालतों में मुकदमों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में तेजी आएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: क्या 2026 की UP PCS-J परीक्षा में 3 साल का अनुभव अनिवार्य है?
उत्तर: हाँ, उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा (सातवां संशोधन) नियमावली 2026 के लागू होने के बाद अब विज्ञापन की तिथि तक 3 साल का निरंतर कानूनी अभ्यास (प्रैक्टिस) अनिवार्य कर दिया गया है।
Q2: 3 साल के वकालत अनुभव की गणना कब से की जाएगी?
उत्तर: अनुभव की गणना राज्य बार काउंसिल (State Bar Council) में आपके प्रोविजनल एनरोलमेंट (Provisional Enrolment) की तारीख से की जाएगी।
Q3: PCS-J 2026 में चयनित उम्मीदवारों को ट्रेनिंग कहाँ दी जाएगी?
उत्तर: चयनित उम्मीदवारों को JTRI (ज्यूडिशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट), लखनऊ में 1 वर्ष का अनिवार्य प्रशिक्षण लेना होगा।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख प्रशासनिक जानकारियों और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी नियमावली संशोधनों पर आधारित सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आयु सीमा, योग्यता और अन्य औपचारिक शर्तों की सटीक पुष्टि के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाले विस्तृत विज्ञापन का अवलोकन अवश्य करें।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।