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यूपी में ईंधन संकट की अफवाहों पर ‘स्ट्राइक’: 17 हजार से अधिक छापेमारी, 17 गिरफ्तार; सरकार ने कहा- स्टॉक पर्याप्त, न घबराएं

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लखनऊ | मंगलवार, 31 मार्च 2026

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए व्यापक अभियान छेड़ दिया है। ईंधन की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई के तहत अब तक 17,581 छापेमारी की जा चुकी हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि ईंधन का भंडार पर्याप्त है और जनता को किसी भी तरह की ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) करने की आवश्यकता नहीं है।

कालाबाजारी पर कड़ा प्रहार: 17 गिरफ्तार, 222 एफआईआर

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 12 मार्च से जारी इस विशेष अभियान के तहत अब तक एलपीजी वितरकों के खिलाफ 33 और अन्य मामलों में 189 एफआईआर (कुल 222) दर्ज की गई हैं। इस कार्रवाई में अब तक 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 224 दोषियों के खिलाफ अभियोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हाल ही में लखनऊ और सीतापुर जैसे जिलों में बड़ी अनियमितताएं पकड़े जाने के बाद प्रशासन और भी अलर्ट मोड पर है।

ईंधन का गणित: मांग से ज्यादा स्टॉक उपलब्ध

प्रदेश में ईंधन की उपलब्धता को लेकर मुख्य सचिव स्तर से जारी आंकड़ों ने स्थिति स्पष्ट कर दी है:

  • पेट्रोल: वर्तमान में राज्य के पास 91,000 किलोलीटर का स्टॉक है।

  • डीजल: 1.15 लाख किलोलीटर डीजल उपलब्ध है।

  • नेटवर्क: प्रदेश भर में 12,888 पेट्रोल पंप सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं।

सरकार के अनुसार, 27 से 29 मार्च के बीच हुई भारी बिक्री के बावजूद आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पूरी तरह मजबूत बनी हुई है।

एलपीजी में राहत: 20% अतिरिक्त कोटा और ‘डिलीवरी कोड’ की सख्ती

एलपीजी की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने 23 मार्च से वाणिज्यिक (Commercial) एलपीजी सिलेंडरों में 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन को मंजूरी दे दी है। इससे घरेलू सिलेंडरों की किल्लत की संभावना समाप्त हो गई है। साथ ही, अब 84% से अधिक डिलीवरी ‘कोड आधारित’ (DAC) की जा रही है ताकि गैस की चोरी और अवैध डायवर्जन को रोका जा सके।

पीएनजी (PNG) विस्तार पर मुख्य सचिव का निर्देश

भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा को देखते हुए सरकार अब पाइप नेचुरल गैस (PNG) के जाल को तेजी से फैलाने पर काम कर रही है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्देश दिए गए हैं कि:

  1. पाइपलाइन बिछाने में आने वाली लंबित अनुमतियों को तत्काल निपटाया जाए।

  2. लखनऊ जैसे शहरों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के साथ मिलकर लोगों को पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

  3. सरकारी भवनों और स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी कनेक्शन दिए जाएं।

24×7 निगरानी और कंट्रोल रूम

आम जनता की शिकायतों के निवारण और आपूर्ति की स्थिति पर नजर रखने के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके अलावा, प्रत्येक जिले में जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) को निर्देशित किया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर हेल्पलाइन नंबर जारी करें और रोजाना की रिपोर्ट शासन को भेजें।

सरकार की अपील: प्रशासन ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही ईंधन की कमी की अफवाहों पर ध्यान न दें। जमाखोरी करने वालों की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या कंट्रोल रूम को दें।

मुख्य बिंदु:

  • सख्ती: कालाबाजारी रोकने के लिए अब तक 17,581 निरीक्षण, 222 एफआईआर दर्ज।

  • स्टॉक: प्रदेश में 91 हजार KL पेट्रोल और 1.15 लाख KL डीजल सुरक्षित।

  • राहत: कमर्शियल एलपीजी में 20% अतिरिक्त आवंटन, पीएनजी (PNG) विस्तार पर जोर।

  • निगरानी: खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम से हो रही मॉनिटरिंग।

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