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फैक्ट चेक: क्या भारत में अब रविवार को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल? वायरल खबर का सच

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

नई दिल्ली | शुक्रवार, 15 मई 2026

हाल के दिनों में व्हाट्सएप और फेसबुक पर एक संदेश तेजी से प्रसारित हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद ईंधन बचाने के लिए देश भर के पेट्रोल पंप हर रविवार को बंद रहेंगे। कुछ पोस्ट में तो यह भी कहा गया है कि यह नियम आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में लागू हो चुका है। लेकिन क्या वास्तव में ऐसा कोई आदेश जारी हुआ है? आइए जानते हैं सच्चाई।

वायरल दावे की हकीकत

पीआईबी (PIB) फैक्ट चेक और पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। यह दावा पूरी तरह फर्जी (FAKE) है। भारत में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और सभी पेट्रोल पंप सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे (अपनी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार) खुले रहेंगे।

ईंधन आपूर्ति पर सरकार का आश्वासन

मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे तनाव के बीच ईंधन की कमी की अफवाहें भी उड़ी थीं, जिस पर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि भारत के पास लगभग 60-74 दिनों का सुरक्षित स्टॉक (क्रूड ऑयल और उत्पादित स्टॉक मिलाकर) मौजूद है। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है, इसलिए घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है।

सावधान रहें, पैनिक न करें

  • आधिकारिक सूत्रों पर भरोसा करें: किसी भी वायरल संदेश को सच मानने से पहले सरकारी पोर्टल्स पर जांच करें।

  • फॉरवर्ड करने से बचें: बिना पुष्टि के ऐसे संदेशों को साझा करना समाज में अनावश्यक डर पैदा करता है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।