शनिवार, जून 27 2026 | 10:39:26 PM
Breaking News
Home / राष्ट्रीय / गगनयान मिशन: सेमी-क्रायोजेनिक इंजन टेस्ट में ISRO को मिली बड़ी कामयाबी, जानें कब होगी पहली मानवरहित उड़ान

गगनयान मिशन: सेमी-क्रायोजेनिक इंजन टेस्ट में ISRO को मिली बड़ी कामयाबी, जानें कब होगी पहली मानवरहित उड़ान

Follow us on:

नई दिल्ली । शनिवार, 27 जून 2026

भारत के पहले ऐतिहासिक मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ (Gaganyaan Mission) को लेकर एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने बेंगलुरु में मीडिया को संबोधित करते हुए यह स्पष्ट किया कि मिशन की तैयारियां अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी हैं। अंतरिक्ष में भारतीय एस्ट्रोनॉट्स (गगननाट्स) को भेजने से पहले किए जा रहे जटिल तकनीकी परीक्षणों की श्रृंखला में वैज्ञानिकों ने एक और अभूतपूर्व मील का पत्थर हासिल कर लिया है।

थ्रस्ट लोड टेस्ट में मिली 90% सफलता

इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने बताया कि हाल ही में तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (IPRC) में सेमी-क्रायोजेनिक इंजन के पावर हेड टेस्ट आर्टिकल (PHTA) का आठवां सफल हॉट टेस्ट (Hot Test) आयोजित किया गया। इस बेहद जटिल परीक्षण के दौरान इंजन ने थ्रस्ट चेंबर को छोड़कर लगभग 90 प्रतिशत थ्रस्ट लोड (175 टन की ताकत) सफलतापूर्वक हासिल किया।

यह टेस्ट इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि इसमें मुख्य टर्बोपंपों ने 400 और 500 बार के आउटलेट प्रेशर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसरो प्रमुख ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि अब अगला कदम संपूर्ण इंजन का अंतिम परीक्षण (Full Engine Test) होगा, जिसकी तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं।

क्या है लॉन्च व्हीकल की ‘ह्यूमन रेटिंग’ प्रक्रिया?

गगनयान मिशन की सबसे बड़ी प्राथमिकता अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा है। डॉ. नारायणन के अनुसार, गगनयान बेहद संवेदनशील और तकनीक-आधारित मिशन है, इसलिए इसके लिए उपयोग होने वाले भारी-भरकम रॉकेट LVM3 (Launch Vehicle Mark 3) को एक कड़े दौर से गुजरना पड़ रहा है जिसे ‘ह्यूमन रेटिंग’ (Human Rating) कहा जाता है।

ह्यूमन रेटिंग क्या है? यह एक ऐसी वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग प्रमाणन प्रक्रिया है, जिसके तहत रॉकेट के सभी सिस्टम और सब-सिस्टम में अतिरिक्त सुरक्षा (Redundancy) जोड़ी जाती है। इसका सीधा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बचाया जा सके और मिशन को बिना किसी जोखिम के पूरा किया जा सके। इसके लिए क्रू एस्केप सिस्टम (Crew Escape System) का भी लगातार परीक्षण किया जा रहा है।

वास्तविक मानव उड़ान से पहले होंगे 3 मानवरहित मिशन

अंतरिक्ष में इंसानों को भेजने की जल्दबाजी करने के बजाय इसरो पूरी तरह से अपनी तकनीकी सुरक्षा को चाक-चौबंद कर रहा है। चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि गगननाट्स (भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों) को लो अर्थ ऑर्बिट (400 किमी की ऊंचाई) पर भेजने से पहले इसरो कुल तीन मानवरहित (Uncrewed) मिशन अंतरिक्ष में भेजेगा।

  1. पहला मानवरहित मिशन: इस पर वर्तमान में सबसे तेजी से काम चल रहा है, जिसके तहत प्रणालियों की शुरुआती जांच की जाएगी।

  2. दूसरा व तीसरा मिशन: इनमें उन्नत प्रणालियों और रोबोटिक पेलोड्स (जैसे व्योममित्र) को भेजकर स्पेस एनवायरनमेंट का आकलन किया जाएगा।

इन तीनों मिशनों की सफल लैंडिंग और डेटा विश्लेषण के बाद ही भारत अपने जांबाज अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में रवाना करेगा। इसरो प्रमुख ने भरोसा जताया है कि इन सभी मानवरहित उड़ानों की तारीखों का आधिकारिक ऐलान बेहद जल्द कर दिया जाएगा। मिशन के लिए जरूरी सैटेलाइट्स भी पूरी तरह बनकर तैयार हैं।

वैश्विक पटल पर भारत का बढ़ता कद

इसरो इस समय न सिर्फ गगनयान बल्कि कई अन्य दूरगामी मिशनों पर भी काम कर रहा है। भारत जहां सूर्य के अध्ययन के लिए ‘आदित्य एल-1’ (Aditya L1) के जरिए दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो चुका है, वहीं अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मामले में भी आगे बढ़ रहा है। इसरो प्रमुख ने बताया कि भारत और जापान मिलकर आगामी चंद्रयान-5 (Chandrayaan 5) मिशन पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, भारत जी-20 देशों के लिए एक विशेष ‘G20 सैटेलाइट’ विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

शांत समुद्र के किनारे बैठे हुए एक व्यक्ति का चित्र जो साक्षीभाव और मानसिक संतुलन का प्रतीक है।

अष्टावक्र गीता श्लोक 4: इसी क्षण मानसिक तनाव और बंधनों से मुक्ति का अचूक सूत्र

नई दिल्ली । शुक्रवार, 26 जून 2026 भारतीय आध्यात्मिक साहित्य में अष्टावक्र गीता का स्थान …