नई दिल्ली । सोमवार, 6 जुलाई 2026
दिल्ली की राजनीति में लंबे समय तक विवादों के केंद्र में रहा सिविल लाइंस स्थित 6-फ्लैगस्टाफ रोड बंगला, जिसे आम बोलचाल और राजनीतिक गलियारों में ‘शीशमहल’ का नाम दिया गया है, अब एक बिल्कुल नए रूप में नजर आने वाला है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस आलीशान पूर्व आधिकारिक आवास को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है।
अब इस परिसर में कोई राजनेता या मुख्यमंत्री निवास नहीं करेगा, बल्कि इसे दिल्ली सरकार के पहले भव्य स्टेट गेस्ट हाउस (दिल्ली सदन) और एक अत्याधुनिक कल्चरल सेंटर (सांस्कृतिक केंद्र) के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार के इस कदम से जहां एक तरफ विदेशी और राष्ट्रीय वीVIP मेहमानों की मेजबानी के लिए एक नया ठिकाना मिलेगा, वहीं दिल्ली की कला और संस्कृति को भी एक बड़ा मंच हासिल होगा।
दिल्ली को मिलेगा अपना पहला ‘स्टेट गेस्ट हाउस’
देश की राजधानी होने के बावजूद अब तक दिल्ली सरकार के पास अपना कोई ऐसा भव्य और केंद्रीयकृत स्टेट गेस्ट हाउस नहीं था जहां राज्य के आधिकारिक वीVIP मेहमानों को ठहराया जा सके। इसके अभाव में अब तक विदेशी प्रतिनिधिमंडलों, अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उच्चस्तरीय अधिकारियों को अलग-अलग होटलों या सरकारी भवनों में ठहराना पड़ता था।
रेखा गुप्ता सरकार का यह फैसला इसी प्रशासनिक कमी को दूर करेगा। अब देश-विदेश से आने वाले विशिष्ट अतिथियों की मेजबानी इसी आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस परिसर में की जाएगी।
सांस्कृतिक गतिविधियों का नया केंद्र बनेगा यह परिसर
इस आलीशान बंगले को केवल वीVIP मेहमानों के ठहरने तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे दिल्ली की समृद्ध विरासत, कला और संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले एक बड़े केंद्र के रूप में नई पहचान दी जाएगी।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, इस परिसर में निम्नलिखित आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी:
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अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम: उच्च स्तरीय सरकारी बैठकों और अंतरराष्ट्रीय संवाद के लिए।
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बहुउद्देशीय सभागार (Multipurpose Auditorium): भव्य सांस्कृतिक और साहित्यिक आयोजनों के लिए।
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कला दीर्घा (Art Gallery): जहां विभिन्न राज्यों और दिल्ली की स्थानीय कला प्रदर्शनियां आयोजित हो सकेंगी।
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सांस्कृतिक मंच: जहां संगीत, नृत्य प्रस्तुतियां और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक संवाद होंगे।
मूल संरचना से नहीं होगी कोई छेड़छाड़
चूंकि इस बंगले के निर्माण और इसके नवीनीकरण (Renovation) पर पहले ही करोड़ों रुपये खर्च होने के आरोप लग चुके हैं और इसकी जांच जारी है, ऐसे में रेखा गुप्ता सरकार की रणनीति बहुत स्पष्ट है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस आलीशान इमारत को किसी भी तरह की बड़ी तोड़फोड़ या अतिरिक्त खर्च से बचाना है।
बिना किसी भारी संरचनात्मक बदलाव के, मौजूदा आलीशान ढांचे और आधुनिक मीटिंग हॉल्स, डाइनिंग एरिया व लग्जरी कमरों को ही इस तरह अनुकूलित (Adapt) किया जाएगा कि यह अपनी नई उपयोगिता यानी ‘स्टेट गेस्ट हाउस’ के ढांचे में पूरी तरह फिट बैठ सके।
क्या आम जनता को मिलेगी एंट्री?
इस घोषणा के बाद से ही आम लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या वे इस विवादित और चर्चित ‘शीशमहल’ को अंदर से देख पाएंगे?
इसका जवाब मिलाजुला है:
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आवासीय और वीVIP हिस्सा: चूंकि यह एक अत्यंत उच्च सुरक्षा वाला स्टेट गेस्ट हाउस होगा, इसलिए इसके मुख्य आवासीय विंग और वीVIP कमरों में आम लोगों का प्रवेश सुरक्षा कारणों से पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
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सांस्कृतिक और सार्वजनिक हिस्सा: राहत की बात यह है कि परिसर के जिस हिस्से को सांस्कृतिक गतिविधियों और मल्टीपर्पज ऑडिटोरियम के रूप में विकसित किया जा रहा है, वह आम जनता के लिए खुलेगा। यहां आयोजित होने वाली कला प्रदर्शनियों, साहित्यिक उत्सवों और संगीत कार्यक्रमों के दौरान आम नागरिक भी परिसर के इस हिस्से का दीदार कर सकेंगे।
Matribhumisamachar


