गोपेश्वर । मंगलवार, 7 जुलाई 2026
विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे में कथित हेराफेरी और गड़बड़ी के आरोपों को लेकर इन दिनों विवाद गहराया हुआ है। इस पूरे मामले पर श्री बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गठित की गई चार सदस्यीय समिति आगामी 10 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप देगी, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
यह चंदा या चढ़ावा चोरी का मामला नहीं: बीकेटीसी अध्यक्ष
बीकेटीसी (BKTC) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि यह सीधे तौर पर चंदा या चढ़ावा चोरी का मामला नहीं है। हालांकि, श्रद्धालुओं की आस्था और दान-चढ़ावे से जुड़े आरोपों की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित एक्शन लिया है। मामला सामने आने के महज 8 घंटे के भीतर ही 3 जुलाई को 4 सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी गई थी। अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि जांच किन बिंदुओं पर होगी, यह तय करना पूरी तरह कमेटी का काम है और इसमें प्रबंधन का कोई दखल नहीं है।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल पर गिरी गाज
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया पर 2 जुलाई की एक कथित सीसीटीवी फुटेज की चर्चाएं तेज हुईं। इस फुटेज में वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल मोबाइल के नीचे नोटों के बंडल ले जाते हुए देखे गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि प्रमोद नौटियाल को चढ़ावे के गणना कार्य और प्रोटोकॉल की जिम्मेदारी से पहले ही मुक्त कर दिया गया था। अब जांच को पूरी तरह निष्पक्ष और अप्रभावित रखने के लिए उन्हें मंदिर समिति के देहरादून कार्यालय से संबद्ध (अटैच) कर दिया गया है।
पारदर्शिता के लिए लगाए गए हाईटेक सीसीटीवी कैमरे
बीकेटीसी अध्यक्ष ने जानकारी दी कि मंदिर के गणना केंद्र में पहले से ही सीसीटीवी कैमरे स्थापित थे। लेकिन, पूरी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित व डिजिटल रूप से पुख्ता बनाने के लिए पुराने कैमरों को हटाकर उनकी जगह लेटेस्ट हाईटेक कैमरे लगा दिए गए हैं। मंदिर समिति के पास लगभग 45 दिनों का बैकअप फुटेज सुरक्षित रहता है, जिसकी बारीकी से जांच की जा रही है।
ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप कार्यालय में सोमवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इस मामले पर दो घंटे तक गहन मंथन हुआ। इस बैठक में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, सीईओ सोहन सिंह रांगड़, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी, विधि अधिकारी एसएस बर्त्वाल और वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल शामिल रहे। जांच कमेटी के सदस्य और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (केदारनाथ) डीएस भुजवाण को जमीनी हकीकत खंगालने के लिए बदरीनाथ भेजा गया है।
भैरव सेना ने विभागीय जांच को बताया ‘ढोंग’, सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच की मांग
दूसरी तरफ, इस कथित हेराफेरी के खिलाफ आवाज उठाने वाले संगठन ‘भैरव सेना’ ने मंदिर समिति की इस विभागीय जांच को पूरी तरह से ‘ढोंग’ करार दिया है। संगठन ने नाराजगी जताते हुए मांग की है कि करोड़ों सनातनियों की आस्था के केंद्र बदरीनाथ धाम की पवित्रता और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए इस पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में कराई जानी चाहिए।
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