नई दिल्ली । बुधवार, 8 जुलाई 2026
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। एनआईए ने बुधवार को विजयवाड़ा ISIS-AQIS ऑनलाइन आतंकी कट्टरपंथी नेटवर्क मामले में देशव्यापी तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) चलाया। इस दौरान देश के 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में स्थित कुल 20 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिससे हड़कंप मच गया है।
इन 10 राज्यों में एक साथ हुई छापेमारी
इस बड़े एक्शन के तहत एनआईए की अलग-अलग टीमों ने देश के कई कोनों में दबिश दी। जिन राज्यों में यह सर्च ऑपरेशन चलाया गया, उनमें शामिल हैं:
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आंध्र प्रदेश
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तेलंगाना
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कर्नाटक
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महाराष्ट्र
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उत्तर प्रदेश
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पश्चिम बंगाल
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बिहार
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राजस्थान
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गुजरात
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दिल्ली (केंद्र शासित प्रदेश सहित)
महाराष्ट्र से सामने आया ‘पनवेल कनेक्शन’
इस पूरी कार्रवाई में सबसे बड़ा अपडेट महाराष्ट्र के नवी मुंबई से आ रहा है। एनआईए ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से पनवेल इलाके में छापेमारी की। वहां से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, जिससे फिलहाल खुफिया एजेंसियां और पुलिस पूछताछ कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक अन्य संदिग्ध की तलाश अभी भी जारी है।
कैसे जुड़ा पनवेल का नाम?
कुछ महीने पहले विजयवाड़ा पुलिस ने भारत में हिंसक जिहाद फैलाने और इस्लामिक स्टेट (खिलाफत) स्थापित करने की साजिश रचने के आरोप में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। उन्हीं आरोपियों में से एक से पूछताछ के दौरान पनवेल के दो निवासियों के नामों का खुलासा हुआ था। इसी पुख्ता इनपुट के आधार पर एनआईए ने पनवेल में जाल बिछाया।
मार्च 2026 से शुरू हुई थी इस मामले की कड़ियां
एनआईए के मुताबिक, यह पूरा मामला सबसे पहले मार्च 2026 में विजयवाड़ा पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था। तब मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ मोहम्मद के ठिकाने पर छापेमारी के दौरान आईएसआईएस (ISIS) और एक्यूआईएस (AQIS – अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट) से जुड़ी बेहद आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री और दस्तावेज बरामद हुए थे। मामले की गंभीरता और विदेशी कनेक्शनों को देखते हुए मई 2026 में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी एनआईए ने इसकी कमान अपने हाथों में ले ली थी।
भारी मात्रा में डिजिटल डिवाइस जब्त, युवाओं को फंसाने का था जाल
जांच एजेंसी ने अब तक इस मामले में एक नाबालिग सहित 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बुधवार को हुई इस छापेमारी के दौरान कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (डिजिटल डिवाइस) जब्त किए गए हैं। इन सभी को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि इनके डिलीट किए गए डेटा और विदेशी हैंडलर्स के चैट रिकॉर्ड्स को निकाला जा सके।
शुरुआती जांच में यह बात साफ हुई है कि यह नेटवर्क ऑनलाइन माध्यमों (जैसे टेलीग्राम, डार्क वेब या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म) का इस्तेमाल करके भारतीय युवाओं को भ्रामक प्रचार और कट्टरपंथी सामग्री परोस रहा था, ताकि उन्हें हिंसक जिहाद की तरफ धकेला जा सके।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. विजयवाड़ा ISIS-AQIS मामला क्या है?
यह मार्च 2026 में विजयवाड़ा पुलिस द्वारा दर्ज किया गया एक मामला है, जिसमें भारत में ऑनलाइन माध्यमों से युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और ISIS व अल-कायदा की विचारधारा फैलाने की साजिश रची जा रही थी। मई 2026 से इसकी जांच NIA कर रही है।
Q2. इस मामले में अब तक कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं?
बुधवार की छापेमारी से पहले तक इस मामले में एक नाबालिग समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ताजा छापेमारी में पनवेल से भी एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
Q3. छापेमारी के दौरान एनआईए को क्या मिला?
एनआईए को छापेमारी के दौरान कई संदिग्ध डिजिटल डिवाइस और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं, जिनकी मदद से नेटवर्क के विदेशी संपर्कों और अन्य सदस्यों की पहचान की जाएगी।
Disclaimer (अस्वीकरण)
यह लेख वर्तमान में उपलब्ध समाचार इनपुट्स और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। इस मामले की जांच अभी जारी है और किसी भी आरोपी या संदिग्ध पर दोष साबित होना कानूनी प्रक्रिया के अधीन है।
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