मुंबई । रविवार, 9 अगस्त 2026
महाराष्ट्र में आम जनता और परिवारों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। राज्य में गाय और भैंस दोनों प्रकार के दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया है। दूध उत्पादक और प्रसंस्करण कल्याण संघ की एक हालिया बैठक में प्रमुख सहकारी और निजी डेयरियों के प्रतिनिधियों ने इस मूल्य वृद्धि पर सहमति व्यक्त की है। नई दरें पूरे राज्य में 11 अगस्त 2026 से लागू होंगी।
महाराष्ट्र में दूध के नए दाम: एक नज़र में
मूल्य वृद्धि के लागू होने के बाद, महाराष्ट्र में गाय और भैंस के दूध के दाम इस प्रकार होंगे:
| दूध का प्रकार | पुरानी कीमत (प्रति लीटर) | नई कीमत (प्रति लीटर) | कुल बढ़ोतरी |
| गाय का दूध | ₹60 | ₹62 | ₹2 |
| भैंस का दूध | ₹76 | ₹78 | ₹2 |
दूध के दाम बढ़ने के मुख्य कारण
डेयरी उद्योग के प्रतिनिधियों और संगठनों के अनुसार, बढ़ती परिचालन और खरीद लागत के कारण यह फैसला लेना मजबूरी बन गया था:
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डीजल की बढ़ी दरें: डीजल के दामों में लगभग ₹10 प्रति लीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे दूध के परिवहन (Transportation) का खर्च काफी बढ़ गया है।
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पैकेजिंग मटेरियल में उछाल: दूध के पाउच और अन्य पैकेजिंग सामग्रियों की लागत में करीब 30% तक का इजाफा हुआ है।
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किसानों की बढ़ती लागत: पशु चारा, रखरखाव और संग्रह की लागत बढ़ने से डेयरियों द्वारा किसानों से खरीदे जाने वाले कच्चे दूध का दाम भी बढ़ा है।
अन्य डेयरी उत्पादों और घरेलू बजट पर प्रभाव
दूध महंगा होने का असर सिर्फ रोज़मर्रा के दूध के पैकेट तक सीमित नहीं रहेगा:
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दही, पनीर और घी भी होंगे महंगे: दही, छाछ, पनीर और घी जैसे डेयरी उत्पादों में 10% तक की बढ़ोतरी संभावित है।
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त्योहारों से पहले बजट पर दबाव: रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहार नजदीक होने से मिठाइयों और दैनिक उपभोग पर अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा।
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घरेलू खर्च की गणना: यदि किसी परिवार में प्रतिदिन 2 लीटर दूध की खपत होती है, तो नया मूल्य लागू होने के बाद उनका मासिक खर्च लगभग ₹120 प्रति माह बढ़ जाएगा।
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खाद्य व्यवसायों पर असर: चाय-कॉफी की दुकानों, होटलों, रेस्तरां और मिष्ठान भंडारों की लागत में भी वृद्धि देखने को मिलेगी।
सरकार की नीति: क्या दूध पर मिलेगा MSP?
दूध के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू करने के विषय पर केंद्र सरकार पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है। सरकार के अनुसार, दूध पर MSP लागू करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। दूध का मूल्य बाजार की परिस्थितियों, मांग और आपूर्ति के आधार पर सहकारी समितियों तथा निजी डेयरियों द्वारा तय किया जाता है।
हालाँकि, सरकार डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, किसानों के हितों की सुरक्षा और असंगठित डेयरी क्षेत्र को संगठित रूप देने के लिए लगातार प्रयासरत है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. महाराष्ट्र में दूध की नई दरें कब से लागू होंगी?
महाराष्ट्र में दूध की नई दरें 11 अगस्त 2026 से पूरे राज्य में लागू होंगी।
Q2. गाय और भैंस के दूध में कितने रुपये की बढ़ोतरी हुई है?
गाय और भैंस दोनों प्रकार के दूध में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
Q3. दूध के दाम बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं?
डीजल के दामों में वृद्धि से बढ़ा परिवहन खर्च, पैकेजिंग सामग्री में 30% तक की लागत वृद्धि, और किसानों से दूध खरीद की बढ़ी हुई लागत इसके मुख्य कारण हैं।
Disclaimer: इस लेख में प्रस्तुत जानकारी समाचार स्रोतों और संबंधित डेयरी संघों द्वारा जारी सार्वजनिक आंकड़ों पर आधारित है। समय और क्षेत्र के अनुसार सहकारी/निजी ब्रांड्स के दामों में आंशिक अंतर हो सकता है।
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