नई दिल्ली | सोमवार, 10 अगस्त 2026
देश की उच्च न्यायपालिका में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल रहा है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के चार प्रमुख उच्च न्यायालयों (हाईकोर्ट) में नियमित मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए सिफारिशें भेजी हैं। 6 अगस्त 2026 को हुई कॉलेजियम की बैठक में विचार-विमर्श के बाद इन नामों पर मुहर लगाई गई।
यदि केंद्र सरकार और राष्ट्रपति द्वारा इन सिफारिशों को मंजूरी मिल जाती है, तो पटना, कलकत्ता, बॉम्बे और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को नया नेतृत्व प्राप्त होगा।
किन न्यायाधीशों के नाम की हुई है सिफारिश?
कॉलेजियम द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव के अनुसार, चार वरिष्ठ न्यायाधीशों को पदोन्नत कर अलग-अलग उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश पद की जिम्मेदारी देने की सिफारिश की गई है:
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जस्टिस वी. कामेश्वर राव (पटना हाईकोर्ट): वर्तमान में दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्यरत जस्टिस राव को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है।
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जस्टिस रविंद्र वी. घुगे (कलकत्ता हाईकोर्ट): बॉम्बे हाईकोर्ट में सेवाएं दे रहे वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस घुगे के नाम की सिफारिश कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए हुई है।
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जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी (बॉम्बे हाईकोर्ट): इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया गया है।
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जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा (पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट): इलाहाबाद हाईकोर्ट के मूल कैडर वाले और वर्तमान में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में कार्यरत जस्टिस मिश्रा को इसी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है।
कॉलेजियम की सिफारिश के बाद की प्रक्रिया
कॉलेजियम की सिफारिश न्यायपालिका में नियुक्ति का प्रथम व अति महत्वपूर्ण चरण है। इसके बाद निम्नलिखित संवैधानिक एवं प्रशासनिक कदम उठाए जाते हैं:
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विधि मंत्रालय द्वारा समीक्षा: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के प्रस्तावों को केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के पास भेजा जाता है।
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राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति पत्र (Warrant of Appointment): भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217 के अंतर्गत भारत के राष्ट्रपति की स्वीकृति के पश्चात नियुक्ति की औपचारिक अधिसूचना और वारंट जारी किया जाता है।
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शपथ ग्रहण: संबंधित राज्य के राज्यपाल नए मुख्य न्यायाधीश को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाते हैं, जिसके बाद ही वे आधिकारिक रूप से कार्यभार ग्रहण करते हैं।
उच्च न्यायालयों में मुख्य न्यायाधीश की भूमिका
हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश न केवल न्यायिक पीठों (Benches) का गठन करता है और मुकदमों का आवंटन (Roster Management) तय करता है, बल्कि पूरे राज्य की अधीनस्थ न्यायपालिका के सुचारु संचालन एवं प्रशासनिक नियंत्रण की जिम्मेदारी भी निभाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम क्या है?
उत्तर: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीशों का एक समूह है, जो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जजों एवं मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति व तबादलों की सिफारिश करता है।
Q2. क्या कॉलेजियम की सिफारिश ही अंतिम नियुक्ति होती है?
उत्तर: नहीं, कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होती है और राष्ट्रपति द्वारा औपचारिक नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद ही नियुक्ति अंतिम मानी जाती है।
Q3. संविधान के किस अनुच्छेद के तहत हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति होती है?
उत्तर: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217 के तहत हाईकोर्ट के न्यायाधीशों और मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा जारी सिफारिशों एवं सार्वजनिक सूचनाओं पर आधारित है। न्यायाधीशों का पदभार ग्रहण केंद्र सरकार द्वारा जारी औपचारिक अधिसूचना तथा तत्पश्चात होने वाले शपथ ग्रहण पर निर्भर करता है।
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