सोमवार, सितंबर 07 2026 | 02:28:04 AM
Breaking News
Home / राज्य / उत्तरप्रदेश / सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मलबे के नीचे मिला 20 फीट गहरा रहस्यमयी कुआं, ASI करेगी जांच

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मलबे के नीचे मिला 20 फीट गहरा रहस्यमयी कुआं, ASI करेगी जांच

Follow us on:

सहारनपुर | रविवार, 6 सितंबर 2026
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में जारी विकास और सफाई कार्यों के दौरान एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज सामने आई है। परिसर में स्थित पुरानी मस्जिद के ढांचे को हटाए जाने के बाद जब मलबे की सफाई की जा रही थी, तब जमीन के नीचे छिपा एक बड़ा प्राचीन कुआं दिखाई दिया। इस खोज के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

भारी स्लैब हटाने पर सामने आई बनावट

सफाई कार्य के दौरान बुलडोजर और मशीनों को जमीन के भीतर एक बेहद भारी कंक्रीट-पत्थर के स्लैब से जूझना पड़ा। सामान्य मशीनों से स्लैब न हटने पर कटर की मदद से उसे काटा गया। स्लैब हटने पर नीचे लगभग 20 फीट गहरा और 1.5 मीटर चौड़ा गोल कुआं दिखाई दिया।
  • ईंटों का पारंपरिक निर्माण: कुएं की अंदरूनी दीवारें पुरानी शैली की ईंटों से चुनकर बनाई गई हैं।
  • संरचनात्मक स्थिति: गहराई अधिक होने के बावजूद इसकी बनावट काफी हद तक सुरक्षित दिख रही है।

सुरक्षा के इंतजाम और ASI की एंट्री

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
  1. सुरक्षा घेरा: किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए कुएं के आसपास के क्षेत्र को तुरंत बैरीकेडिंग कर सील कर दिया गया।
  2. कुएं को ढका गया: धूल-मिट्टी या बाहरी नुकसान से बचाने के लिए संरचना को सुरक्षित चादरों से ढक दिया गया है।
  3. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को सूचना: कुएं की प्राचीनता, निर्माण की अवधि और ऐतिहासिक संदर्भ का अध्ययन करने के लिए ASI की तकनीकी टीम को आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रशासनिक रुख: “जब तक पुरातात्विक विशेषज्ञ अपनी वैज्ञानिक जांच पूरी नहीं कर लेते, तब तक इसके ऐतिहासिक या धार्मिक महत्व को लेकर कोई भी आधिकारिक टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।”
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: सहारनपुर कलेक्ट्रेट में कुआं किस दौरान मिला?
उत्तर: परिसर में मस्जिद का मलबा हटाने और जमीन समतल करने के दौरान यह कुआं मिला।
प्रश्न 2: कुएं की गहराई और चौड़ाई कितनी है?
उत्तर: प्राथमिक माप के अनुसार कुआं लगभग 20 फीट गहरा और 1.5 मीटर चौड़ा है।
प्रश्न 3: इसकी जांच कौन सी संस्था करेगी?
उत्तर: इसकी पुरातात्विक और तकनीकी जांच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा की जाएगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह लेख उपलब्ध प्राथमिक जानकारियों एवं प्रशासनिक बयानों पर आधारित है। कुएं की वास्तविक आयु, निर्माण काल और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की आधिकारिक पुष्टि ASI की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संभव होगी।
मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर गंगा नदी का पानी भरने के बाद नाव से शव ले जाते लोग और इमारतों की छतों पर अंतिम संस्कार का दृश्य।

वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप: मणिकर्णिका घाट जलमग्न, छतों पर अंतिम संस्कार करने को मजबूर हुए लोग

वाराणसी । शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 वाराणसी (काशी) में पवित्र गंगा नदी का जलस्तर लगातार …