लोड हो रहा है...

बांग्लादेशी घुसपैठ के मामले में ईडी ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में की छापेमारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

रांची. प्रवर्तन निदेशालय ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ मामले में झारखंड और पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर छापेमारी की है. सूत्रों के अनुसार झारखंड और पश्चिम बंगाल में 17 जगहों पर छापेमारी की है. यह मामला झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठ से संबंधित है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय ने बांग्लादेशी नागरिकों की कथित अवैध घुसपैठ से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में मंगलवार को झारखंड की कई जगहों पर छापेमारी की है. जांच एजेंसी के झारखंड कार्यालय ने दोनों पड़ोसी राज्यों में 17 स्थानों पर छापेमारी की है.

बांग्लादेशी घुसपैठ से जुड़ मामले में ईडी की टीम रांची, पाकुड़ और पश्चिम बंगाल के 24 परगना और कोलकाता में रेड की है. केंद्रीय एजेंसी ने सुबह रांची के बरियातू स्थित होटल स्काई लाइन के साथ-साथ 6 ठिकानों पर तलाशी लेनी शुरू की है. ईडी ने 16 सितंबर को झारखंड में बांग्लादेशी महिलाओं की तस्करी और घुसपैठ की जांच के लिए मनी लॉन्ड्रिंग मामला दर्ज किया था. ईडी का आरोप है कि यह कथित रूप से काले धन को उत्पन्न करने के लिए किया गया.

साभार : एनडीटीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

- Advertisement -

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।