मुंबई | सोमवार, 7 सितंबर 2026
देश में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) ने एक नया मील का पत्थर हासिल किया है। 12 अगस्त 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, देश भर में कुल जनधन खातों की संख्या 59.04 करोड़ के करीब पहुंच चुकी है। इन खातों में आम जनता की कुल जमा राशि लगभग ₹3.15 लाख करोड़ दर्ज की गई है।
हालांकि, इन सकारात्मक आंकड़ों के साथ ही एक चिंताजनक पहलू भी सामने आया है। लगभग हर चौथा जनधन खाता वर्तमान में निष्क्रिय (Inoperative) स्थिति में है।
निष्क्रिय और जीरो-बैलेंस खाते: आंकड़े एक नज़र में
ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, देश भर में 5,72,35,490 खाते (लगभग 5.72 करोड़) ऐसे हैं जिनमें शून्य बैलेंस (Zero Balance) है। वहीं 15,36,77,009 खाते (लगभग 15.37 करोड़) पूरी तरह से इनऑपरेटिव यानी निष्क्रिय पड़े हुए हैं।
| विवरण | खातों की संख्या / राशि |
| कुल जनधन खाते | ~59.04 करोड़ |
| कुल जमा राशि | ~₹3.15 लाख करोड़ |
| निष्क्रिय खाते (Inoperative) | ~15.37 करोड़ |
| जीरो-बैलेंस खाते (Zero Balance) | ~5.72 करोड़ |
राज्यवार स्थिति: उत्तर प्रदेश शीर्ष पर
निष्क्रिय खातों की सूची में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। इसके अलावा बिहार और मध्य प्रदेश में भी निष्क्रिय खातों की बड़ी संख्या दर्ज की गई है:
- उत्तर प्रदेश: सर्वाधिक करीब 3.23 करोड़ निष्क्रिय खाते। इसके साथ ही ज़ीरो-बैलेंस खातों के मामले में भी यूपी सबसे आगे है, जहाँ 95.92 लाख खातों में कोई राशि नहीं है।
- बिहार: लगभग 1.59 करोड़ निष्क्रिय खाते।
- मध्य प्रदेश: लगभग 1.35 करोड़ निष्क्रिय खाते।
जीरो-बैलेंस और निष्क्रिय खाते में क्या अंतर है?
अक्सर लोग जीरो-बैलेंस और निष्क्रिय खाते को एक ही समझ लेते हैं, जबकि बैंकिंग नियमों के अनुसार ये दोनों बिल्कुल अलग श्रेणियां हैं:
- जीरो-बैलेंस खाता (Zero Balance Account): किसी खाते में ₹0 बैलेंस होने के बावजूद वह सक्रिय माना जा सकता है, यदि ग्राहक उसमें नियमित रूप से सरकारी सब्सिडी, आधार प्रमाणीकरण या पैसे की लेन-देन कर रहा हो।
- निष्क्रिय खाता (Inoperative Account): यदि किसी खाते में लगातार 2 वर्षों तक ग्राहक द्वारा कोई भी लेन-देन (डेबिट या क्रेडिट) नहीं किया जाता है, तो बैंक नियमानुसार उस खाते को ‘निष्क्रिय’ श्रेणी में डाल देते हैं।
यदि आपका जनधन खाता निष्क्रिय हो गया है, तो इसे फिर से चालू कराने के लिए अपनी बैंक शाखा में जाकर री-केवाईसी (Re-KYC) प्रक्रिया पूरी करें और एक छोटा लेन-देन दर्ज कराएं।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1: जनधन खाता निष्क्रिय (Inoperative) कब घोषित होता है?
Ans: जब किसी जनधन खाते में लगातार 24 महीने (2 साल) तक ग्राहक की ओर से कोई लेन-देन नहीं होता, तो बैंक सुरक्षा कारणों से उसे इनऑपरेटिव घोषित कर देते हैं।
Q2: क्या जीरो बैलेंस होने पर जनधन खाता बंद हो जाता है?
Ans: नहीं, केवल शून्य बैलेंस होने पर खाता बंद या निष्क्रिय नहीं होता। जब तक खाते में एक्टिव लेन-देन होता रहेगा, वह चालू रहेगा।
Q3: बंद या निष्क्रिय पड़े जनधन खाते को दोबारा चालू कैसे करें?
Ans: इसके लिए आपको अपने बैंक की शाखा में जाकर एक ‘अकाउंट री-एक्टिवेशन’ फॉर्म भरना होगा और साथ में आधार कार्ड/पैन कार्ड की प्रति के साथ री-केवाईसी करानी होगी।
Disclaimer: यह लेख आधिकारिक बैंकिंग रिपोर्ट और सार्वजनिक आंकड़ों पर आधारित है। अपने खाते की सटीक स्थिति जानने या केवाईसी अपडेट कराने के लिए कृपया अपनी संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करें।

