लखनऊ ।
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनके सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की लाखों महिला स्वास्थ्यकर्मियों के हित में कई बड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं का ऐलान किया।
इस महत्वपूर्ण घोषणा के तहत मानदेय (Honorarium) में सीधे 50 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। इसके अलावा, कार्यकर्ताओं के परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़ी आर्थिक राहत देते हुए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना से भी जोड़ा गया है।
मुख्य बिंदु एवं मानदेय का नया ढांचा
| पद का नाम | पुराना मानदेय (प्रतिमाह) | नया मानदेय (प्रतिमाह) | कुल बढ़ोतरी |
| आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (Anganwadi Worker) | ₹8,000 | ₹12,000 | ₹4,000 (50%) |
| आंगनबाड़ी सहायिका (Anganwadi Helper) | – | ₹6,000 | – |
1. मानदेय में सीधे ₹4,000 की ऐतिहासिक वृद्धि
सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹4,000 की सीधी वृद्धि की है, जिससे उनका मासिक मानदेय ₹8,000 से बढ़कर सीधे ₹12,000 हो गया है। वहीं आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय भी बढ़ाकर ₹6,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। यह फैसला राज्य में जमीनी स्तर पर काम कर रही महिला कार्यकर्ताओं के श्रम को सम्मान देने के उद्देश्य से किया गया है।
2. ₹5 लाख तक का मुफ्त कैशलेस स्वास्थ्य बीमा
स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और उनके आश्रित परिवारों को ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा कवर प्रदान किया जाएगा।
- लाभ: किसी भी गंभीर बीमारी या आकस्मिक इलाज की स्थिति में परिवार को अस्पताल के खर्चों से बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।
- सुविधा: सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए किसी भी नकद भुगतान की आवश्यकता नहीं होगी।
3. अतिरिक्त साड़ी के लिए DBT से ₹500 का हस्तांतरण
आंगनबाड़ी सहायिकाओं को बेहतर यूनिफॉर्म सुविधा प्रदान करने के लिए एक अतिरिक्त साड़ी हेतु ₹500 की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खातों में भेजी गई है। यह राशि Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए बिना किसी बिचौलिए के पारदर्शी तरीके से ट्रांसफर की गई है।
4. आंगनबाड़ी केंद्रों का डिजिटलीकरण और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर
आंगनबाड़ी सेवाओं की निगरानी और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सभी केंद्रों को हाई-टेक किया जा रहा है:
- कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन वितरित किए जा रहे हैं।
- पोषण अभियान और टेक-होम राशन (THR) के वितरण का रियल-टाइम डेटा (Real-time data monitoring) ऐप के माध्यम से दर्ज किया जाएगा।
- केंद्रों को बुनियादी सुविधाओं से लैस कर ‘स्मार्ट आंगनबाड़ी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का नया मानदेय कितना है?
उत्तर: यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का नया मानदेय ₹12,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। पहले यह ₹8,000 था।
Q2. आंगनबाड़ी सहायिकाओं को अब कितना मानदेय मिलेगा?
उत्तर: आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाकर ₹6,000 प्रतिमाह कर दिया गया है।
Q3. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए कितना स्वास्थ्य बीमा घोषित किया गया है?
उत्तर: सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और उनके परिवारों के लिए हर साल ₹5 लाख तक का कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस कवर देने का ऐलान किया गया है।
Q4. यूनिफॉर्म (साड़ी) के लिए पैसा कैसे मिलेगा?
उत्तर: अतिरिक्त साड़ी के लिए ₹500 की सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी गई है।
Disclaimer (अस्वीकरण):
यह लेख आधिकारिक सार्वजनिक घोषणाओं और उपलब्ध समाचार सूत्रों के आधार पर तैयार किया गया है। मानदेय भुगतान की समयसीमा, पात्रता नियमों और विभागीय दिशा-निर्देशों से जुड़ी सटीक व नवीनतम जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD UP) की आधिकारिक वेबसाइट अथवा स्थानीय बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) कार्यालय से संपर्क करें।

