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ईरान में पेट्रोल की कीमतों में भारी उछाल: 110 लीटर से अधिक खपत पर प्रति लीटर दर 1 लाख रियाल

Saransh Kanaujia
4 Min Read
तेहरान । 
ईरान सरकार ने देश में लगातार बढ़ रहे ईंधन संकट और आपूर्ति-मांग के बड़े अंतर से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। नई नीति के तहत, प्रति माह 110 लीटर से अधिक पेट्रोल की खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की कीमत बढ़ाकर 1,00,000 (1 लाख) ईरानी रियाल प्रति लीटर कर दी गई है। यह नई दर पिछली दरों के मुकाबले लगभग दोगुनी से भी अधिक है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि इस फैसले से ईरान के केवल 15% उच्च-खपत वाले वाहन मालिक ही प्रभावित होंगे, जबकि 85% आम जनता पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।

त्रिस्तरीय (Three-Tier) पेट्रोल मूल्य व्यवस्था

ईरान की नई राशनिंग और मूल्य निर्धारण नीति को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
  • 0 से 60 लीटर (प्रारंभिक कोटा): 15,000 रियाल प्रति लीटर
  • 61 से 110 लीटर (मध्यम कोटा): 30,000 रियाल प्रति लीटर
  • 110 लीटर से अधिक (उच्च खपत): 100,000 रियाल प्रति लीटर
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बुनियादी परिवहन जरूरतों को रियायती दर पर बनाए रखना और अत्यधिक खपत करने वालों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना है।

क्यों उठाना पड़ा यह कदम?

ईरान में ईंधन की खपत पिछले कुछ महीनों में अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी।
  • दैनिक खपत: अगस्त में ईरान की दैनिक पेट्रोल खपत लगभग 14.5 करोड़ लीटर तक पहुंच गई।
  • घरेलू उत्पादन क्षमता: देश रिफाइनरियों के माध्यम से प्रतिदिन केवल 12.2 करोड़ लीटर पेट्रोल का ही उत्पादन कर पा रहा है।
  • आपूर्ति घाटा: प्रतिदिन लगभग 2.3 करोड़ लीटर के इस बड़े घाटे को पूरा करने के लिए सरकार को भारी बजटीय दबाव में विदेशी ईंधन का आयात करना पड़ रहा था।
सरकार का कहना है कि पेट्रोल की दरें बढ़ाने से प्राप्त होने वाले अतिरिक्त राजस्व को सीधे सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आम जनता के कल्याणकारी कार्यक्रमों में निवेश किया जाएगा।

अर्थशास्त्र और सीमा-पार तस्करी पर असर

ईरान दुनिया में सबसे सस्ते ईंधन वाले देशों में शामिल रहा है। अत्यधिक सब्सिडी के कारण सीमावर्ती इलाकों से पड़ोसी देशों (जैसे पाकिस्तान, अफगानिस्तान और इराक) में बड़े पैमाने पर ईंधन की तस्करी होती रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च खपत पर कीमतें बढ़ाने से:
  1. ईंधन की बर्बादी और अवांछित खपत रुकेगी।
  2. ईंधन तस्करी पर आंशिक रूप से अंकुश लगेगा।
  3. महंगे ईंधन आयात पर सरकारी खजाने का बोझ कम होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. ईरान में पेट्रोल की नई अधिकतम दर क्या है?
110 लीटर से अधिक मासिक खपत करने वाले वाहनों के लिए नई दर 1,00,000 (1 लाख) ईरानी रियाल प्रति लीटर कर दी गई है।
Q2. इस फैसले से ईरान की कितनी आबादी प्रभावित होगी?
अनुमान के मुताबिक, इससे केवल 15% उपभोक्ता ही प्रभावित होंगे जो महीने में 110 लीटर से ज्यादा पेट्रोल इस्तेमाल करते हैं।
Q3. 60 लीटर तक पेट्रोल किस दर पर मिलेगा?
शुरुआती 60 लीटर के लिए उपभोक्ताओं को पुरानी बुनियादी दर 15,000 रियाल प्रति लीटर ही देनी होगी।
Q4. ईरान में ईंधन संकट का मुख्य कारण क्या है?
ईरान में दैनिक पेट्रोल की मांग (14.5 करोड़ लीटर) उसके घरेलू उत्पादन (12.2 करोड़ लीटर) से काफी अधिक हो गई थी, जिससे प्रतिदिन 2.3 करोड़ लीटर का घाटा हो रहा था।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख ईरान सरकार द्वारा जारी सार्वजनिक घोषणाओं और आर्थिक आंकड़ों पर आधारित एक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा विनिमय दरों और स्थानीय नीतिगत बदलावों के अनुसार परिस्थितियों में भिन्नता संभव है।

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