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उत्तर प्रदेश में मस्जिदों पर प्रशासनिक कार्रवाई: मुरादाबाद और संभल में शुरू हुई जांच

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ । 
सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक अनधिकृत निर्माण पर हुई हालिया प्रशासनिक कार्रवाई के बाद, अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो अन्य जिलों—मुरादाबाद और संभल—में स्थित मस्जिदें भी जांच के दायरे में आ गई हैं। मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद और संभल की ऐतिहासिक बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मामलों का विस्तृत ब्यौरा

1. मुरादाबाद: मुस्तफा मस्जिद (MDA द्वारा नोटिस)
मुरादाबाद के पाकबड़ा क्षेत्र में दिल्ली रोड पर स्थित मुस्तफा मस्जिद को लेकर मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) ने संज्ञान लिया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मस्जिद का निर्माण बिना आवश्यक स्वीकृत नक्शे और अनुमति के किया गया है।
  • प्रशासनिक कदम: प्राधिकरण ने मस्जिद प्रबंधन से निर्माण से जुड़े कागजात और स्वीकृत नक्शा प्रस्तुत करने को कहा है।
  • प्रबंधन का पक्ष: मस्जिद प्रबंधन का कहना है कि यह निर्माण निजी भूमि पर किया गया है। फिलहाल प्राधिकरण दस्तावेजों का सत्यापन कर रहा है और किसी अंतिम कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।
2. संभल: बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद (ASI का निरीक्षण)
संभल के चौधरी सराय क्षेत्र स्थित बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद के विस्तार को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में दावा किया गया है कि पिछले कुछ वर्षों में मस्जिद का दायरा बढ़ाया गया है और जिस भूमि पर यह स्थित है, वह संभल की ऐतिहासिक जामा मस्जिद से संबंधित है।
  • ASI की जांच: शिकायत के आधार पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने 8 सितंबर को स्थल का निरीक्षण किया।
  • सुरक्षा व्यवस्था: निरीक्षण के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल और PAC की तैनाती की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
3. सहारनपुर कार्रवाई की पृष्ठभूमि
5 सितंबर को सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी एक मस्जिद को प्रशासन ने अनधिकृत कब्जा बताते हुए ध्वस्त कर दिया था। यह कार्रवाई अदालत द्वारा मस्जिद प्रबंधन की अपील खारिज होने के बाद की गई थी। ध्वस्तीकरण के बाद मलबे के नीचे से लगभग 20 फुट गहरी एक पुरानी कुएं जैसी संरचना पाई गई है, जिसकी पुरातात्विक स्तर पर जांच की जा रही है।

वर्तमान स्थिति

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मुरादाबाद और संभल दोनों मामलों में वर्तमान में केवल दस्तावेजों की जांच और पुरातात्विक तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट आने से पहले किसी संभावित कार्रवाई के बारे में निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद पर क्या आरोप हैं?
Ans: मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) को शिकायत मिली है कि इस मस्जिद का निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे और आवश्यक प्रशासनिक अनुमति के किया गया है।
Q2: संभल में किस विभाग द्वारा जांच की जा रही है?
Ans: संभल स्थित बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद के भूमि और विस्तार संबंधी दावों की जांच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम द्वारा की जा रही है।
Q3: क्या मुरादाबाद या संभल में ध्वस्तीकरण का कोई आदेश जारी हुआ है?
Ans: नहीं, फिलहाल दोनों स्थानों पर केवल दस्तावेजों का सत्यापन और पुरातात्विक निरीक्षण चल रहा है। अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक समाचारों और प्रशासनिक जानकारियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। मामले से जुड़ी किसी भी कानूनी या प्रशासनिक स्थिति के लिए आधिकारिक बयानों और विभागीय रिपोर्टों को ही प्रामाणिक माना जाए।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।