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नीम करोली बाबा की जीवनी ‘हनुमान अंश’ का इंटरनेशनल धमाका: ₹2 करोड़ के बजट वाली फिल्म ने भारत में छापे ₹193 करोड़, अब विदेशों में गूंजेगा डंका

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read
मुंबई । 
भारतीय सिनेमा के इतिहास में समय-समय पर ऐसी फिल्में आती हैं जो बिना किसी भारी-भरकम स्टारकास्ट, बड़े वीएफएक्स या करोड़ों के प्रमोशनल बजट के बॉक्स ऑफिस के सारे समीकरण बिगाड़ देती हैं। महान संत नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ ऐसी ही एक चमत्कारिक स्लीपर हिट साबित हुई है। 7 अगस्त 2026 को भारत में बेहद शांत तरीके से रिलीज हुई यह फिल्म आज, 11 सितंबर 2026 को नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, मिडिल ईस्ट और एशिया-पैसिफिक जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भव्य रूप से रिलीज हो चुकी है।

₹2 करोड़ का बजट और ₹193 करोड़ का घरेलू कलेक्शन: बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास

ट्रेड एनालिस्ट्स और बॉक्स ऑफिस एक्सपर्ट्स ‘हनुमान अंश’ की सफलता को देखकर हैरान हैं। महज ₹2 करोड़ के मामूली बजट में बनकर तैयार हुई इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं:
  • इंडिया ग्रॉस कलेक्शन: लगभग ₹193 करोड़ (₹192.75 करोड़)
  • इंडिया नेट कलेक्शन: लगभग ₹163.6 करोड़
  • रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI): 8000% से भी अधिक का मुनाफा
शुरुआती दिनों में नाममात्र शो (केवल 355 शो) और रोजाना ₹10 लाख की ओपनिंग से शुरुआत करने वाली इस फिल्म को दर्शकों के ‘माउथ पब्लिसिटी’ (Word of Mouth) का ऐसा सहारा मिला कि इसके शो बढ़कर 7,500 से अधिक हो गए। फिल्म ने अपने पांचवें हफ्ते में भी कई बड़ी स्टार-पावर्ड फिल्मों को धूल चटा दी है।

नीम करोली बाबा के जीवन और ‘हनुमान अंश’ बनने की कहानी

विशाल चतुर्वेदी द्वारा लिखित और निर्देशित इस फिल्म में 12 वर्षीय बालक ‘लक्ष्मी नारायण’ के नीम करोली बाबा बनने तक के सफर को बेहद संवेदनशीलता और भक्ति भाव के साथ दर्शाया गया है।
फिल्म की कहानी में मुख्य रूप से दिखाया गया है:
  1. वैराग्य का मार्ग: कम उम्र में माता के निधन के बाद ईश्वर की खोज में बालक का घर छोड़ना और कठिन तपस्या करना।
  2. सत्य की अनुभूति: जंगलों और मंदिरों में भटकने के बाद यह समझना कि ईश्वर की असली पूजा दीन-दुखियों की सेवा और सभी से प्रेम करने में है।
  3. महाराज जी का रूप: भूखों को भोजन कराने और आशीर्वाद देकर लोगों के जीवन को बदलने वाले दिव्य संत नीम करोली बाबा के रूप में उनकी ख्याति।
फिल्म में शोभिनव सत्या और विहान शेडगे ने महाराज जी के विभिन्न चरणों के किरदार को जीवंत किया है।

ओवरसीज मार्केट में मची धूम: होम्बले फिल्म्स के जरिए ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन

भारत में मिली ऐतिहासिक सफलता के बाद, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्म को ले जाने का बीड़ा Hombale Films (Hombale Overseas) ने उठाया है। 11 सितंबर 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में उतरने से पहले ही ओवरसीज एडवांस बुकिंग में जबरदस्त रिस्पॉन्स देखने को मिला।
अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूएई और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में बसे भारतीय समुदाय और नीम करोली बाबा के भक्तों (जैसे स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग के जीवन में बाबा के प्रभाव से प्रेरित लोग) के बीच इस फिल्म को लेकर अभूतपूर्व उत्साह है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. फिल्म ‘हनुमान अंश’ का कुल बजट कितना था?
उत्तर: फिल्म का निर्माण बेहद सीमित साधनों में महज ₹2 करोड़ के बजट में किया गया है।
Q2. ‘हनुमान अंश’ की कहानी किस पर आधारित है?
उत्तर: यह फिल्म दिव्य संत नीम करोली बाबा (महाराज जी) के बाल्यकाल, उनकी आध्यात्मिक खोज और उनकी जन-सेवा की जीवन यात्रा पर आधारित है।
Q3. ‘हनुमान अंश’ का भारत में अब तक का कुल कलेक्शन कितना है?
उत्तर: फिल्म ने भारत में लगभग ₹193 करोड़ ग्रॉस और ₹163.6 करोड़ नेट का कारोबार किया है।
Q4. फिल्म के निर्देशक और मुख्य कलाकार कौन हैं?
उत्तर: इस फिल्म का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। मुख्य भूमिकाओं में शोभिनव सत्या, विहान शेडगे, चंदन आनंद और पूर्णिमा तिवारी शामिल हैं।
Q5. ‘हनुमान अंश’ अंतरराष्ट्रीय बाजारों (Overseas) में कब रिलीज हुई है?
उत्तर: यह फिल्म 11 सितंबर 2026 को दुनिया भर के अंतरराष्ट्रीय सिनेमाघरों में रिलीज की गई है।
Disclaimer (अस्वीकरण): इस लेख में दिए गए बॉक्स ऑफिस आंकड़े और रिपोर्ट्स मीडिया ट्रैक्स, ट्रेड एनालिस्ट्स और उपलब्ध पब्लिक डेटा पर आधारित हैं। अंतिम वर्ल्डवाइड आंकड़े ओवरसीज बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग के पूर्ण अपडेट के बाद बदल सकते हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।